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Haryana: पानीपत में भाजपा ने चारों सीटों पर उतारे प्रत्याशी, जानिए क्या रहा टिकट का आधार

Wed, 04 Sep 2024 09:41 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 04 Sep 2024 09:41 PM IST
सार

हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने बुधवार रात 67 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। भाजपा ने कांग्रेस से पहले अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है।

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Haryana: BJP fielded candidates on all four seats in Panipat, know what was the basis of ticket
मनमोहन भड़ाना, प्रमोद विज, कृष्ण लाल पंवार, महिपाल ढांडा। - फोटो : अमर उजाला

हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने बुधवार रात 67 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। भाजपा ने कांग्रेस से पहले अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है। पहली सूची में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का नाम भी प्रत्याशी के तौर पर शामिल किया गया है। नायब सैनी करनाल के बजाय लाडवा सीट से चुनाव लड़ेंगे। 

पानीपत की भी चारों विधानसभा सीटों पर पार्टी ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इसमें इसराना से कृष्ण लाल पंवार, समालखा से मनमोहर भड़ाना, पानीपत ग्रामीण से महिपाल ढांडा, पानीपत शहर से प्रमोद विज को टिकट दिया गया है।

Haryana: BJP fielded candidates on all four seats in Panipat, know what was the basis of ticket
महिपाल ढांडा। - फोटो : अमर उजाला

महिपाल ढांडा : विधायक पानीपत ग्रामीण जीवन परिचय
नाम : महिपाल ढांडा 
पिता : ताराचंद ढांडा 
माता : ओमपति देवी 
पैतृक गांंव : कवी, मतलौडा
जन्म : 16 सितंबर 1974
शिक्षा : स्नातक

विधानसभा : पानीपत ग्रामीण विधानसभा। 
जीत : पानीपत ग्रामीण विधानसभा में 2014 में भाजपा के टिकट पर पहली बार विधायक बनें। उन्होंने 62074 वोट लेकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 36132 वोटों से हराया। 2019 में पानीपत ग्रामीण विधानसभा से मैदान में उतरे। उन्होंने 67086 वोट लेकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जजपा के देवेंद्र कादियान को 21961 मतों से हराया। उनको 40.77 और देवेंद्र कादियान को 27.42 प्रतिशत वोट मिले। 

परिवार : तीन भाई व दो बहन। सबसे बड़े हरपाल ढांडा, फिर रणपाल ढांडा और सबसे छोटे महिपाल ढांडा हैं।
संघ व राजनीतिक परिचय : बाल्यकाल से स्वयंसेवक और तृतीय वर्ष शिक्षित हैं। 1996 से 2004 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में प्रदेश सहमंत्री रहे। 2004 में भाजपा जिला पानीपत उपाध्यक्ष, 2006 से 2009 तक पानीपत भाजपा जिला महामंत्री, 2009 से 2012 तक हरियाणा भारतीय जनता युवा मोर्चा केप्रदेशाध्यक्ष। 2012 में हरियाणा भाजपा किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष, 2014 में पानीपत ग्रामीण विधानसभा से विधायक बनें। 2019 में दोबारा पानीपत ग्रामीण विधानसभा से विधायक बनें। हरियाणा भाजपा में प्रदेश उपाध्यक्ष और मार्च 2024 में हरियाणा सरकार में विकास एवं पंचायत व सहकारिता राज्यमंत्री बनें।

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प्रमोद विज। - फोटो : अमर उजाला

प्रमोद विज : विधायक पानीपत शहर जीवन परिचय
नाम : प्रमोद विज 
जन्म स्थान : पानीपत
जन्म तिथि : 04 अक्टूबर 1955
उम्र  : 69
शिक्षा: बीएससी मेडिकल
पेशा: उद्यमी, 1975 में कारोबार की शुरुआत की। 
पार्टी: भारतीय जनता पार्टी।
विधानसभा: पानीपत शहर।

टिकट मिलने का कारण : मृदु भाषी और मिलनसार व्यवहार। विधानसभा के हर छोटे बड़े के साथ लगातार संपर्क में रहे और शहर के विकास को लेकर धरातल पर जाकर काम किया। पिता पांच बार विधायक रहे और पानीपत शहर में खुद की भी अच्छी छवि है।

जीत : प्रमोद विज ने 2019 पानीपत शहर विधानसभा से पहली बार चुनाव मैदान में उतरें। उन्हाेंने 73863 वोट मिले और निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के संजय अग्रवाल को 39545 वोटों से हराया। प्रमोद विज को 62.84 और संजय अग्रवाल को 30.51 प्रतिशत वोट मिले। 
राजनीतिक व सामाजिक सफर : पिता स्व. पृथ्वी राज विज ने अभिवाजित भारत के समय 1940 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयंसेवक के रूप में कार्य किया। बड़े पिता स्व. फतेह चंद विज शुरुआत से ही जनसंघ से जुड़े रहे। वे1962 में जनसंघ के टिकट पर पानीपत विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बने और 1987 तक जनता पार्टी व भाजपा के चुनाव चिह्न पर पांच बार विधायक रहे।  प्रमोद विज को 2016 में भाजपा ने जिलाध्यक्ष बनाया। 2019 में भाजपा के टिकट पर पानीपत शहर से विधायक बनें। रोटरी इंटरनेशनल, 1989 में पांच राज्यों के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रहे।

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कृष्ण लाल पंवार। - फोटो : अमर उजाला

कृष्णलाल पंवार : राज्यसभा सांसद इसराना जीवन परिचय
नाम : कृष्णलाल पंवार 
जन्म स्थान : मतलौडा, जिला पानीपत
जन्म तिथि : 01 जनवरी 1958
उम्र  : 58
शिक्षा : 10वीं और पांच वर्षीय बॉयलर कैंपीटेंसी डिप्लोमा 
पेशा : थर्मल से सेवानिवृत व राजनीतिक। 
पार्टी : भारतीय जनता पार्टी।
विधानसभा: इसराना।

टिकट मिलने का कारण : भाजपा में लगातार सक्रिय और परिवहन मंत्री बनते ही प्रदेश के बड़े चेहरों में शामिल रहे। 2019 में चुनाव हारने के बाद भाजपा ने राज्यसभा सांसद बनाया। 
जीत : इसराना विधानसभा से 2009 में इनेलो के टिकट पर 43905 वोट लेकर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 2180 और 2014 में भाजपा के टिकट पर चुनाव में 40277 वोट लेकर 1828 वोटों से जीत दर्ज की। 2019 का भाजपा के टिकट पर 20,015 वोट से हार का सामना करना पड़ा।  

राजनीतिक  सफर : 12 साल की नौकरी के बाद 1991 में पानीपत थर्मल पावर प्लांट में नौकरी से इस्तीफा दिया। ओमप्रकाश चौटाला के नेतृत्व में 1991 का चुनाव असंध से लड़ा और पहली बार विधायक बनें। 1996 और 2000 में असंध से विधायक बनें। 2000 में उनको हाउसिंग बोर्ड का चेयरमैन बनाया।2005 में चुनाव हार गए। 2009 में इसराना विधानसभा से इनेलो के टिकट पर जीत दर्ज की। 2014 के चुनाव में इनेलो ने उनका टिकट काट दिया। उन्होंने भाजपा में शामिल होकर 2014 में इसराना विधानसभा से चुनाव लड़ा। वे विधायक बनें। 2014 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता और परिवहन, आवास एवं कारावास मंत्री बनें। 2019 में भाजपा के टिकट पर चुनाव हार गए। वे एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रहे और अब प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। 02 अगस्त 2022 को राज्यसभा सांसद बनें।

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समालखा से प्रत्याशी मनमोहन भड़ाना। - फोटो : अमर उजाला

मनमोहन भड़ाना : समालखा विधानसभा जीवन परिचय
नाम : मनमोहन भड़ाना  
जन्म स्थान : मतलौडा, जिला पानीपत
जन्म तिथि : 20 सितम्बर 1981
उम्र  : 42 
शिक्षा : एमबीए (यूएसए)
पेशा : बिजनेसमेन 
पार्टी : भारतीय जनता पार्टी।
विधानसभा: समालखा।
टिकट मिलने का कारण : उनके पिता करतार सिंह भड़ाना पूर्व मंत्री रहे हैं। तीन बार विधायक रहे। कांग्रेस के विधायक धर्म सिंह छौक्कर के सामने मजबूत दावेदारी पेश करनी थी।
राजनीतिक व सामाजिक परिचय : उन्होंने यूएसए से एमबीए की पढ़ाई की। यहां आकर अपना बिजनेस संभाला। पिता करतार सिंह भड़ाना समालखा से विधायक और फिर सहकारिता मंत्री बनें। उन्होंने खुद समालखा विधानसभा से जीवन में चुनाव न लड़ने की कसम खा रही है। वे दो महीने पहले ही समालखा विधानसभा से उतरे हैं। हलके के सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों में लगातार सक्रिय रहे।

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