फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अतीक-अशरफ हत्याकांड: शूटर अरुण के दादा बोले- अरुण को मिलनी चाहिए किए की सजा, हम नहीं लड़ेंगे केस

Wed, 19 Apr 2023 04:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह आशु गौतम, संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
आशु गौतम, संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 19 Apr 2023 04:01 AM IST
सार

अतीक हत्याकांड में शामिल शूटर अरुण मौर्य के पास पांच लाख की जिगाना गन कहां से आई। इसे लेकर परिवार भी चिंतित है। उनका कहना है कि अरुण एक जगह टिक कर नौकरी नहीं करता था।

विज्ञापन
Atik-Ashraf murder case: Grandfather of Shooter Arun said - Arun should be punished for what he did
शूटर अरुण के दादा मथुरा प्रसाद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

प्रयागराज में माफिया अतीक और अशरफ की हत्या में शामिल एक शूटर अरुण मौर्य के दादा का कहना है कि उसे किए की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने अरुण मौर्य का केस लड़ने से भी इंकार किया। कहा कि पहले ही अरुण पिस्तौल के साथ पकड़े जाने के बाद जेल गया था। जमानत पर छूटने के बाद उसे दोबारा गलती करने पर नाता तोड़ने की हिदायत दी थी, लेकिन वह नहीं माना और अपराध के रास्ते पर चल पड़ा। परिजन हैरान है कि 200 रुपये जेब खर्च मांगने वाले अरुण के पास लाखों रुपये की पिस्टल कहां से आई, जिससे उसने अतीक-अशरफ हत्याकांड को अंजाम दिया।



अतीक हत्याकांड में शामिल शूटर अरुण मौर्य के पास पांच लाख की जिगाना गन कहां से आई। इसे लेकर परिवार भी चिंतित है। उनका कहना है कि अरुण एक जगह टिक कर नौकरी नहीं करता था। वह नौकरी बदलता रहता था। बहुत बार उसके पास जेब खर्च के लिए भी रुपये नहीं होते थे, वह अपने दादा मथुरा प्रसाद से सौ-दो रुपये मांगता था, लेकिन उसके पास इतनी महंगी पिस्टल कहां से आई, यह बड़ा सवाल है।

Atik-Ashraf murder case: Grandfather of Shooter Arun said - Arun should be punished for what he did
शूटर अरुण मौर्य फैक्टरी में 10 हजार की नौकरी करता था - फोटो : अमर उजाला

एनएफएल के पास विकास नगर निवासी दादा मथुरा प्रसाद ने बताया कि अरुण बचपन में ऐसा नहीं था। 10वीं पास करने के बाद उसने आपराधिक रास्ते पर कदम बढ़ाया। देसी कट्टा पकड़े जाने के बाद वह जेल चला गया।

किसी तरह उन्होंने 20 दिन बाद उसकी जमानत करा दी, लेकिन बाहर आने के बाद उसने दोबारा तीन साथियों के साथ मिलकर हत्या के केस में गवाहों के मारपीट कर दी, जिसके बाद वह दोबारा जेल चला गया था। इस बार उनके पास जमानत तक के पैसे नहीं थे।

Atik-Ashraf murder case: Grandfather of Shooter Arun said - Arun should be punished for what he did
अतीक की हत्या में शामिल शूटर अरुण और गांव में बना उसका घर - फोटो : अमर उजाला

15 दिन तक उन्होंने जमानत के रुपये जुटाए और वकील कराकर उसकी जमानत कराई। उसने इस बार अपने पोते अरुण मौर्य को चेतावनी दी थी कि, अगर अब दोबारा उसने किसी के साथ मारपीट की या कोई आपराधिक वारदात को अंजाम दिया तो वह उससे नाता तोड़ लेंगे, वह खुद इसके लिए जिम्मेदार होगा, लेकिन अब माफिया ब्रदर्स की हत्या में उसका नाम सामने आया है। ऐसे में उनका कहना है कि पुलिस जो भी कठोर कार्रवाई बनती है, वह करे। क्योंकि अब वह उसका केस भी नहीं लड़ेंगे, उसने स्वयं गलत रास्ता चुना है, उसे दंड मिलना ही चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Atik-Ashraf murder case: Grandfather of Shooter Arun said - Arun should be punished for what he did
सीआईए-2 की गिरफ्त में आरोपी अरुण मौर्य और अतुल। फाइल फोटो - फोटो : संवाद

पानीपत कोर्ट में 15 अप्रैल को थी तारीख, उधर अतीक हत्याकांड को दिया अंजाम
अवैध कट्टे के मामले में केस की पैरवी कर रहे वकील सुरेश ने बताया कि अरुण मौर्य को जेल से 19 फरवरी 2022 को जमानत मिल गई थी। परिजनों के कहने पर उसने जुवेनाइल कोर्ट में याचिका लगाई तो कोर्ट ने दस्तावेजों के आधार पर अरुण की 17 साल छह माह उम्र बताते हुए उसे नाबालिग मान लिया था। अब उसका यह केस जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है। इस मामले में 15 अप्रैल 2023 की कोर्ट में तारीख थी, लेकिन उसी दिन अतीक और अशरफ की हत्या में उसका नाम आया। अब तारीख चार मई को लगी है। देखने में ऐसा लगता था कि वह मक्खी भी नहीं मार सकता है।

विज्ञापन
Atik-Ashraf murder case: Grandfather of Shooter Arun said - Arun should be punished for what he did
शूटर अरुण - फोटो : अमर उजाला

वारदात के पीछे मास्टर माइंड, जिसने मुहैया कराए हथियार
परिजनों का कहना है कि अरुण मौर्य, सनी समेत तीनों आरोपियों को लाखों की पिस्टल थमाने वाला कोई और मास्टरमाइंड है, जिसने अतीक और अशरफ को मरवाने में सिर्फ इनका प्रयोग किया है। पुलिस मामले की जांच करे और उस मास्टरमाइंड का भी पर्दाफाश करे।

गांव से लापता परिवार का नहीं लगा सुराग
वारदात के बाद से अरुण मौर्य के पिता दीपक कासगंज के गांव कादरवाड़ी से लापता है। अरुण की मां केला, छोटा भाई अनीकेत और एक बहन भी पिता के साथ ही गायब हैं। वह कहां है, अब तक उनका कोई सुराग नहीं लगा है। आशंका है कि दीपक पानीपत में अपने पिता मथुरा प्रसाद और छोटे भाई सुनील के पास आ सकते हैं, इसलिए पुलिस लगातार उन पर नजर बनाए हुए है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed