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एक गड्ढे पर हैवानियत : जान बचाने को भागता रहा सुपरवाइजर, दरिंदों ने तीन माह के बच्चे से छीन लिया पिता का साया
Sat, 03 Apr 2021 02:15 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 03 Apr 2021 02:15 PM IST
पानीपत में सुपरवाइजर की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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दो मकानों के सीवरेज का एक गड्ढा बनाने का विवाद सुपरवाइजर शिव कुमार की जान ले गया। हरियाणा के पानीपत के भारत नगर में सीवर कनेक्शन के विवाद में शुक्रवार को अमरुत योजना की ठेका कंपनी भूमि इंफ्रास्ट्रक्चर के सुपरवाइजर की तीन बाइक पर सवार आठ हमलावरों ने हत्या कर दी। आरोपियों ने सुपरवाइलर को पहले गोलियों से भूना और फिर कई बार चाकू से गोदकर मार डाला। सुपरवाइजर जान बचाने के लिए गली में भागता रहा लेकिन मौत ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। सुपरवाइजर एक गली के बाद जब दूसरी गली में पहुंचा तो हमलावरों ने उसके हाथ में एक गोली मारी। वह घायल अवस्था में भागता रहा और एक किराने की दुकान के बाहर जाकर रुका तो उसके बाएं कंधे में गोली मारी गई। बचने के लिए शिव कुमार किराने की दुकान में घुसा तो हमलावर भी दुकान में घुस गए। इसके बाद हमलावरों ने चाकू से आठ से दस वार किए। लोग इकट्ठा हुए तो हमलावर फरार हो गए। मौत से पहले बनाए वीडियो में शिव कुमार ने भास्कर नामक व्यक्ति के बेटे पर हमला करने की बात कही।
इसी गड्ढे के विवाद में हत्या की आशंका
- फोटो : अमर उजाला
पोस्टमार्टम के अनुसार शिव कुमार को एक गोली दाएं हाथ से छूते हुए बाएं हाथ पर लगी। दूसरी गोली बाएं हाथ के कंधे को छूते हुए सीने में जाकर धंस गई। शिव कुमार के शरीर पर चाकू के दस से 12 घाव मिले है। पुलिस ने मौके से दो खोल बरामद किए है। शिव कुमार के पिता भीम सिंह की शिकायत पर धूप सिंह नगर निवासी अभिनव, अनुभव पुत्र भास्कर, सानू पुत्र राममेहर, बोल्ट पुत्र लोकेश और आशीष पुत्र महेंद्र के खिलाफ हत्या की शिकायत दी थी। जिस पर पुलिस ने आर्म्स एक्ट और धारा 148,149 और 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शिव कुमार
- फोटो : फाइल फोटो
शिव कुमार (28) मूल रूप से कैथल के गांव सीतामाई का रहने वाला था। वह हाल में करनाल में नानकपुर में अपनी पत्नी मधु और बच्चों के साथ रहता था। शिव कुमार के पिता मोटर मिस्त्री है। शिव कुमार तीन बहनों में सबसे बड़ा था। शिव कुमार को तीन बेटियों के बाद तीन माह पहले बेटा हुआ था। सबसे बड़ी बेटी रेनू, फिर जुड़वां बेटियां आरची और आरवी है।
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शिवकुमार ने मरने से पहले बनाए वीडियो में लगाया आरोप।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं धूप सिंह नगर निवासी मांगे सिंह और उनकी पत्नी ईश्वरी देवी ने बताया कि उनका एक बेटा भास्कर शर्मा ड्राइवर है। उसके दो बच्चे अनुभव (22) और अभिनव (20) है। अनुभव कॉलेज में बीए का छात्र है, जबकि अभिनव 12वीं कक्षा में पढ़ता है। शुक्रवार को सुबह अनुभव री-अपीयर की परीक्षा देने की बात कहकर गया था और अभिनव प्रवेश पत्र लाने के लिए स्कूल गया था। दो बजे पुलिस अचानक घर पहुंची तो जिन्होंने पोतों द्वारा सुपरवाइजर की हत्या करने के बारे में बताया। पुलिस बेटे भास्कर और पुत्र वधु अनीता को साथ लेकर गई है।
मामले की जांच करते पुलिसकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
अमरूत योजना के तहत हैदराबाद की भूमि इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को पानीपत में सीवर डालने का ठेका मिला हुआ। धूप सिंह नगर में पायनियर स्कूल वाली गली नंबर 18 में 11 मार्च को सुपरवाइजर शिव कुमार ने दो मकानों का सीवर मकान के सामने बनाने के बजाय एक साथ बनाने के लिए गड्ढा खोद दिया था। इस वजह से धूप सिंह नगर निवासी भास्कर शर्मा और शिव कुमार के बीच मारपीट हो गई थी। शिव कुमार के हाथ में फ्रैक्चर आया था। जबकि दूसरी ओर शिव कुमार के सिर में भी 10 से अधिक टांके लगे थे। इसके बाद दोनों पक्षों ने चांदनीबाग थाना पुलिस में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने भास्कर शर्मा द्वारा दी गई सुपरवाइजर शिव कुमार, उसके साथी सुमित और नसीम के खिलाफ शिकायत पर कार्रवाई की और धारा 323, आईपीसी 34 और धारा 452 के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने 26 मार्च को गिरफ्तार किया और 27 मार्च को ठेका कंपनी ने शिव कुमार की जमानत कराई। आरोप है कि पुलिस समय रहते दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए कार्रवाई करती तो शायद यह वारदात होने से बच जाती।