जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। पदक जीतने के साथ ही घर और गांव में जश्न शुरू हो गया। खुशी के इस क्षण में नीरज के पिता सतीश चोपड़ा और मां सरोज भावुक हो उठे।
Panipat: नीरज ने रजत जीत रचा इतिहास तो झूमा गांव और परिवार, बुजुर्ग महिलाओं ने भी किया नृत्य
गांव वालों ने घर पर एक रात पहले ही मुकाबला देखने की तैयारी कर ली थी। पदक की घोषणा के साथ ही परिजनों संग गांव की बुजुर्ग महिलाओं ने भी नृत्य किया।
पोते ने मेडल जीता है, नाच लेन दो
नीरज की जीत के बाद मां सरोज देवी, चाची और गांव की महिलाएं जमकर झूमीं। गांव की दादियों ने नृत्य करते हुए कहा कि पोते ने मेडल जीता है, नच लेन दो। इसी के साथ बैठक में गांव के युवा भी जमकर थिरके। जीत के बाद पूरे गांव में खुशी की लहर है।
जिले के एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने मिठाई खिलाकर मनाई खुुशी
नीरज चोपड़ा के मेडल जीतने के बाद जिले के एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने नीरज के प्रथम कोच जितेंद्र जागलान को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। जिले के एथलेटिक्स सन्नी सरदार, नवीन, गोविंद्र और शुभम ने कहा कि नीरज चोपड़ा देश की शान है।
मां सरोज बोलीं- मेडल के रंग से फर्क नहीं, देश के लिए जीतना काफी
नीरज की मां सरोज बेटे की जीत पर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि बेटे ने एक बार फिर देश वासियों का दिल जीत लिया है। मेडल चाहे किसी भी रंग का हो, उससे फर्क नहीं पड़ता। देश के लिए मेडल जीतना ही काफी है। बड़े-बड़े खिलाड़ियों को चित कर रजत पदक जीता है। मां ने कहा कि बेटे से मिले एक वर्ष हो गए हैं, जब घर आएगा को उसका पसंदीदा चूरमा बनेगा।
पिता बोले- विदेश में देश का नाम रोशन कर रहा बेटा, परिवार को खुशी
नीरज के पिता सतीश चोपड़ा ने कहा कि उन्हें बेटे की जीत से काफी खुुुशी है। बेटा देश के लिए पदक जीतकर विदेश में भारत का नाम रोशन कर रहा है। इससे पूरा परिवार खुशी है। कुछ दिन पहले बात हुई थी, बेटे ने कहा कि भाला 90 मीटर तक फेंकने का लक्ष्य है।
मेडल जीतने के बाद प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मेडल जीतने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल, गृहमंत्री अनिल विज, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, खेल मंत्री संदीप सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नीरज के पिता सतीश चोपड़ा को कॉलकर बधाई दी। जीत के बाद से ही नीरज के घर पर राजनेताओं एवं अन्य गणमान्य लोगों की ओर से बधाई देने का तांता लगा गया।