फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जुनैद-नासिर हत्याकांड: वारदात में प्रयोग की गई स्कॉर्पियो गाड़ी सरकारी निकली, अफसर बोले-नीलाम कर चुके

Sun, 26 Feb 2023 02:21 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 26 Feb 2023 02:21 AM IST
सार

गाड़ी हरियाणा सरकार के जिला विकास एवं पंचायत विभाग के नाम आज भी ऑनलाइन दिखाई जा रही है। विभाग ने 2020 में गाड़ी की नीलामी कर दी थी, लेने वालों ने अभी अपने नाम नहीं करवाई है। आरोपी विकास को लेकर भी राजस्थान पुलिस के हाथ अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं लगे हैं।

विज्ञापन
The Scorpio vehicle used in the Junaid-Nasir murder case turned out to be official
वह स्कॉर्पियो गाड़ी जो जींद से हुई थी बरामद। सोशल मीडिया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

जुनैद-नासिर हत्याकांड के बाद जींद से जो स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद हुई थी, वह अभी तक जिला विकास एवं पंचायत विभाग के नाम दिखाई जा रही है। एचआर 70 डी 4177 गाड़ी चंडीगढ़ स्थित आरटीओ की ओर से रजिस्टर्ड है। हालांकि जिला विकास एवं पंचायत विभाग ने इस गाड़ी को 2020 में बालाजी ट्रेडिंग कंपनी के नाम 1.70 लाख रुपये में नीलाम कर दिया था, लेकिन अभी तक गाड़ी लेने वालों ने इसे अपने नाम नहीं करवाया था। राजस्थान पुलिस अभी तक इस गाड़ी के असली मालिकों तक नहीं पहुंच पाई है। सूत्रों के अनुसार यह गाड़ी किसी संस्था ने ली थी।



राजस्थान के दो चचेरे भाइयों जुनैद और नासिर को कुछ लोगों ने जिंदा जला दिया था। राजस्थान पुलिस ने दावा किया है कि जिस गाड़ी में दोनों भाइयों को राजस्थान से भिवानी के लोहारू तक लाया गया, वह गाड़ी जींद की सोमनाथ गोशाला से बरामद हुई है। जब इस गाड़ी के बारे में पता किया तो यह गाड़ी जिला विकास एवं पंचायत विभाग, हरियाणा के नाम आज भी ऑनलाइन दिखाई जा रही है।

The Scorpio vehicle used in the Junaid-Nasir murder case turned out to be official
जिंदा जलाने का मामला - फोटो : अमर उजाला

यह गाड़ी विभाग के नाम पर 26 फरवरी 2014 को रजिस्टर्ड हुई थी। इस गाड़ी को जिला परिषद जींद के सीईओ प्रयोग करते थे। यही नहीं इस गाड़ी का इंश्योरेंस 25 मार्च 2022 को खत्म हो चुका है जो कि बिना रिन्यू किए सड़कों पर फर्राटे भर रही थी। इस गाड़ी को जिला परिषद की पूर्व चेयरपर्सन वीना देवी, पदमा सिंगला और प्रवीन घनघस प्रयोग कर चुकी हैं।

दूसरी ओर, विभाग ने इस गाड़ी को 2020 में बालाजी ट्रेडिंग कंपनी के नाम 1.70 लाख रुपये में नीलाम कर दिया था। इसके बाद यह गाड़ी किसने खरीदी और इस समय इसका प्रयोग कौन कर रहा था, किसी को पता नहीं है।

The Scorpio vehicle used in the Junaid-Nasir murder case turned out to be official
दो भाईयों को जिंदा जलाए जाने का मामला - फोटो : अमर उजाला

सूत्रों के अनुसार यह गाड़ी गोशाला से जुड़ी किसी संस्था ने खरीदी थी, लेकिन अभी तक अपने नाम नहीं करवाई थी। यह गाड़ी जींद में कई बार देखी गई थी। इस गाड़ी से गोरक्षा दल के लोग आते-जाते रहते थे। रात को गोकसी के लिए ले जाई जा रही गायों को पकड़ने के लिए गोरक्षक इस गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। सोमनाथ गोशाला के मैनेजर काकूराम ने कहा कि कई बार यह गाड़ी एक युवक यहां खड़ी कर जाता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
The Scorpio vehicle used in the Junaid-Nasir murder case turned out to be official
हत्याकांड में जली हुई गाड़ी - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

उन्होंने कभी युवक से परिचय नहीं पूछा क्योंकि वह युवक गोरक्षा दल से ही जुड़ा हुआ था। अमरहेड़ी रोड स्थित गोसेवा धाम विकलांग गोशाला से भी इस गाड़ी का कनेक्शन है। यहां काम करने वाले युवक पप्पू ने भी पुलिस को इस गाड़ी के बारे में बताया है। इससे अधिक इस गाड़ी के बारे में कुछ नहीं पता। जो युवक इस गाड़ी को चलाता था, वह भी फरार है। हालांकि उस युवक का नाम अभी तक एफआईआर में नहीं आया है, लेकिन पुलिस उसकी भी तलाश कर रही है।

विज्ञापन
The Scorpio vehicle used in the Junaid-Nasir murder case turned out to be official
हत्याकांड में जली हुई गाड़ी - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विकास अभी तक पुलिस की पकड़ से दूर
राजस्थान पुलिस ने जिन आठ लोगों के नाम व फोटो जारी किए हैं, उनमें सफीदों रोड जींद निवासी विकास है। विकास की तलाश व गाड़ी के बारे में पता करने के लिए राजस्थान पुलिस जींद में एक सप्ताह से डेरा जमाए हुए बैठी है, लेकिन अभी तक राजस्थान पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है। वहीं इसी स्कॉर्पियो का पुराना वीडियो भी सामने आ चुका है, जिसमें गोतस्करी के शक में गोरक्षक कुछ युवकों को पीट रहे हैं।

मामले की गहनता से जांच की जा रही है। गाड़ी मालिकों का पता लगाने के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं, जल्द ही आरोपी काबू कर लिए जाएंगे। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ पाएगा। -श्याम सिंह, एसपी भरतपुर, राजस्थान।

यह गाड़ी पूर्व के जिला परिषद के सीईओ की बताई जा रही है। इस बारे में मामला संज्ञान में आया था। फिलहाल यह पता नहीं कि इस गाड़ी का जो नंबर है, वह पहले भी यही था या नहीं। सोमवार को इसके बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। यदि खरीदने वाले लोगों ने यह गाड़ी अपने नाम नहीं करवाई है तो उनके नाम करवाई जाएगी। उनसे पहले के सीईओ के पास यह गाड़ी होगी। इस बारे में पता करवाया जाएगा। -विनेश कुमार, सीईओ, जिला परिषद, जींद

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed