झज्जर जिला पुलिस की अपराध अनुसंधान शाखा ने तीन लोगों को 100 और 500 रुपये के नकली नोटों का धंधा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 47 हजार 500 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन नकली नोटों का असली स्रोत क्या है, इनको कौन और कहां छापता है। पकड़े गए लोगों में एक दिल्ली का, एक सोनीपत जिले का और एक उत्तर प्रदेश का निवासी है।
गुरुवार को उपपुलिस अधीक्षक अरविंद दहिया ने प्रेस वार्ता में बताया कि सीआईए-2 बहादुरगढ़ ने दिल्ली के गांव पंजाब खोड़ के निवासी मंजीत, सोनीपत जिले के गांव पीपली निवासी फारूख और उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव पांची निवासी इसरार को नकली नोटों का अवैध धंधा करने के आरोप में पकड़ा है। फारूख के कब्जे से 38 हजार 200 रुपये और मंजीत से नौ हजार 500 रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
फारूख के कब्जे से 100 रुपये के 77 नकली नोट और 500 रुपयेे के 60 नोट मिले हैं। मंजीत से 100 रुपये के 20 और 500 के15 नोट बरामद किए हैं। इसरार से अभी नकली नोट नहीं मिले हैं। उपपुलिस अधीक्षक के अनुसार आरोपियों को 25 और 26 अप्रैल को गिरफ्तार कर सदर थाना बहादुरगढ़ में शस्त्र अधिनियम और नकली मुद्रा अधिनियम में केस दर्ज किया था। इसके बाद बहादुरगढ़ न्यायालय में पेश किया था। पुलिस के निवेदन पर अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया था। जिनसे पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस की हिरासत में मंजीत, फारूख और इसरार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ऐसे पकडे़ गए आरोपी
दरअसल, पुलिस ने 25 अप्रैल को दिल्ली के बहादुरगढ़ से सटे गांव पंजाब खोड़ के निवासी मंजीत को अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 32 बोर का रिवॉल्वर बरामद किया गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से कुछ नकली नोट मिले। पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह ये नकली नोट पीपली निवासी फारूख से लाया था। फारूख नकली नोटों को बागपत के पांची गांव निवासी निवासी इसरार से लाया। मामले की जांच कर रही पुलिस टीम को संदेह है कि आरोपी आधे या उससे भी कम असली रुपये देकर उनके बदले में दुगने या उससे अधिक रुपये लाए थे।
असली जैसे लगते हैं नोट
मामले की जांच कर रही सीआईए-2 के प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि बरामद किए गए नकली नोट पहली नजर में बिल्कुल असली जैसे लगते हैं। इसलिए आसानी से पहचान में नहीं आते। बारीकी से देखने पर ही इन नोटों के नकली होने का पता लगता है। पूछताछ में पता चला कि आरोपी अभी ज्यादा संख्या में नकली नोट बाजार में नहीं खपा पाए थे। 500 रुपये वाले नकली नोट का प्रयोग नहीं हो सका था। 100 रुपये के कुछ नोट रात के अंधेरे में उन्होंने चलाए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा
नकली नोटों का धंधा करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए मंजीत, फारूख और इसरार से पूछताछ की जा रही है। नकली नोटों के मूल स्रोत का पता लगाया जाएगा। कल शुक्रवार को रिमांड अवधि पूूरी होने पर आरोपियों को अदालत में पेश किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो पुलिस अदालत से निवेदन कर पुन: रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी। इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारी होंगी। -अरविंद दहिया, डीएसपी, झज्जर