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Surendra Bisnoi: डीएसपी सुरेंद्र के लिए अच्छा नहीं रहा साल 2022, पहले माता-पिता खोए, अब गंवा दी अपनी जिंदगी
Wed, 20 Jul 2022 10:28 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार
अमर उजाला नेटवर्क, हिसार
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 20 Jul 2022 10:28 AM IST
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DSP Surender Murder
- फोटो : अमर उजाला
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नूंह (मेवात) के तावडू में खनन माफिया ने डंपर चढ़ाकर डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई की हत्या कर दी। डीएसपी सुरेंद्र बिश्नोई मूल रूप से हिसार जिले के आदमपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव सारंगपुर के रहने वाले थे। वह 8 भाई हैं। जिसमें दो भाईयों की पहले मौत हो चुकी है। वर्ष 1993 में वह हरियाणा पुलिस में एएसआई भर्ती हुए थे। करीब दस साल पहले 2012 में डीएसपी के पद पर पदोन्नत हुए और दो साल पहले ही गुरुग्राम जिले में उनका तबादला हुआ था। परिजनों ने बताया कि 31 अक्टूबर 2022 को सुरेंद्र बिश्नोई का रिटायरमेंट होना था। उनकी मौत की सूचना पहुंचते ही गांव में मातम छा गया। बुधवार दोपहर बाद 2 बजे गांव सारंगपुर में सुरेंद्र बिश्नोई का अंतिम संस्कार होगा। सुरेंद्र की पत्नी कौशल्या गृहिणी हैं। जानकारी के अनुसार सुरेंद्र बिश्नोई के सबसे बड़े भाई अजीत थे। जिनकी 2009 में मौत हो चुकी है। दूसरे नंबर के भाई ओमप्रकाश गांव में ही खेतीबाड़ी का काम संभालते हैं।
DSP Surender Murder
- फोटो : अमर उजाला
तीसरे नंबर के भाई मक्खन राजकीय महाविद्यालय हिसार से रिटायर हो चुके हैं। चौथे भाई जगदीश हाईकोर्ट में एएजी के पद से रिटायर हुए थे, उनका देहांत हो चुका है। 5वें नंबर पर सुरेंद्र बिश्नोई थे। छठे नंबर सुभाष राजकीय स्कूल में हेड टीचर हैं। सातवें भाई कृष्ण हिसार शहर में डेयरी चलाते हैं।
परिवार के साथ डीएसपी
- फोटो : अमर उजाला
आठवें सबसे छोटे भाई अशोक बिश्नोई सहकारी बैंक कुरुक्षेत्र में मैनेजर हैं। सुरेंद्र बिश्नोई पहले पशुपालन विभाग में कलस्टर सुपरवाइजर भर्ती हुए थे। यह पद वीएलडी के बराबर होता है। वर्ष 1993 में उन्होंने हरियाणा पुलिस के लिए आवेदन किया। जिसके बाद एएसआई के पद पर उनका चयन हुआ।
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एक शादी समारोह में डीएसपी सुरेंद्र सिंह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उनकी लंबे समय तक कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में नौकरी रही है। सुरेंद्र बिश्नोई ने कुरुक्षेत्र में अपना मकान बनाया हुआ है। इसी साल फरवरी में उनकी मां मन्नी देवी और मार्च में उनके पिता उग्रसेन की मौत हुई। 24 दिन के अंतराल में माता-पिता का साया उठ गया था, तब सुरेंद्र बिश्नोई अपने पैतृक गांव सारंगपुर आए थे।
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अपनी पत्नी के साथ सुरेंद्र सिंह।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुबह 8:53 बजे भाई से हुई थी बात
अशोक ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8:53 बजे ही उसकी अपने बड़े भाई से बात हुई थी। इसी साल अक्टूबर महीने में उनकी रिटायरमेंट होनी थी। अशोक ने बताया कि बड़े भाई सुरेंद्र ने जल्द ही घर आने की बात कही थी। मंगलवार सुबह ही सुरेंद्र बिश्नोई की अपने बड़े भाई ओमप्रकाश से बात हुई थी। सुरेंद्र बिश्नोई ने बारिश के बारे में पूछा था। उन्होंने नरमा की खेती के बारे में भी जानकारी ली थी।
अशोक ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8:53 बजे ही उसकी अपने बड़े भाई से बात हुई थी। इसी साल अक्टूबर महीने में उनकी रिटायरमेंट होनी थी। अशोक ने बताया कि बड़े भाई सुरेंद्र ने जल्द ही घर आने की बात कही थी। मंगलवार सुबह ही सुरेंद्र बिश्नोई की अपने बड़े भाई ओमप्रकाश से बात हुई थी। सुरेंद्र बिश्नोई ने बारिश के बारे में पूछा था। उन्होंने नरमा की खेती के बारे में भी जानकारी ली थी।