फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Haryana: 1961 में INS Vikrant को इंग्लैड से लाए थे दीनानाथ, अब नए स्वदेशी विक्रांत को देखने जाएंगे

Sun, 04 Sep 2022 09:00 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 04 Sep 2022 09:00 AM IST
सार

दीनानाथ रडार तकनीक के विशेषज्ञ थे। आईएनएस हरक्युलिस का भारत पहुंचने के बाद नाम बदलकर आईएनएस विक्रांत कर दिया गया था।

विज्ञापन
Deenanath Gupta of Hisar was a member of the team that brought INS Vikrant from England to India in 1961
दीनानाथ गुप्ता, पूर्व नौसेना अधिकारी। आईएनएस विक्रांत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

औरों के लिए भले ही आईएनएस विक्रांत केवल युद्धपोत भर हो, लेकिन हरियाणा के हिसार के सेक्टर-14 निवासी बुजुर्ग दीनानाथ गुप्ता के लिए तो यह एक जीवंत योद्धा (सैनिक) है। जिसे लेने के लिए वह वर्ष 1961 में शादी के छह महीने बाद ही इंग्लैंड रवाना हो गए और एक साल बाद लौटे थे।



अब जब उसका पहला स्वदेशी और उन्नत वर्जन देश में ही तैयार हुआ है तो दीनानाथ व पत्नी सरला इसे नजदीक से देखना चाहते हैं। उम्मीद थी कि सरकार या नौसेना की तरफ से बुलावा आएगा, लेकिन ऐसा नहीं होने पर भी कोई मलाल नहीं है। जल्दी ही बेटे-बहू के साथ अपने खर्च से इस जहाज को देखने कोच्चि जाने की तैयारी है।
 
देश की आजादी के महज पांच साल बाद ही भारतीय नौ सेना ने अपनी समुद्री सीमा की रक्षा के लिए इंग्लैंड से युद्धपोत आईएनएस हरक्युलिस का सौदा किया। इस जहाज को भारत लाने के लिए जो दल इंग्लैंड भेजा गया, उसे वहां इसके संचालन के तरीके से लेकर मरम्मत तक का प्रशिक्षण भी लेना था। उस टीम में हिसार के सेक्टर-14 निवासी दीनानाथ गुप्ता भी थे। दीनानाथ रडार तकनीक के विशेषज्ञ थे। आईएनएस हरक्युलिस का भारत पहुंचने के बाद नाम बदलकर आईएनएस विक्रांत कर दिया गया था।

Deenanath Gupta of Hisar was a member of the team that brought INS Vikrant from England to India in 1961
INS Vikrant 2022 - फोटो : Agency (File Photo)

देश में पहले स्वदेशी आईएनएस विक्रांत के लांचिंग के बाद से ही बेहद उत्साहित इस 85 वर्षीय बुजुर्ग के पास जवानी के दिनों के बेशुमार किस्से हैं। पत्नी सरला, बेटा राजेश कुमार और बहू राजरानी के साथ रहने वाले दीनानाथ गुप्ता अपनी एलबम में रखी पुरानी तस्वीरों को निहारते हुए अतीत में खो जाते हैं।

Deenanath Gupta of Hisar was a member of the team that brought INS Vikrant from England to India in 1961
पत्नी के साथ पुरानी तस्वीरें देखते दीनानाथ गुप्ता। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

शनिवार की दोपहर में एलबम में खोए दीनानाथ गुप्ता ने कुछ पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि जहाज जब मुंबई पोर्ट पर पहुंचा तो तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित नेहरू व सेनाध्यक्ष जनरल केएम करियप्पा स्वागत के लिए खड़े थे। दो स्क्वाड्रन की क्षमता वाले उस जहाज से नौसेना को विशेष लगाव था। कोच्चि बंदरगाह से ही उसका संचालन होता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Deenanath Gupta of Hisar was a member of the team that brought INS Vikrant from England to India in 1961
नौसेना अधिकारियों के साथ दीनानाथ गुप्ता, मध्य पंक्ति में दाएं से तीसरे नंबर पर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

परिवार जाएगा कोच्चि
पत्नी सरला बताती हैं कि शादी के छह महीने बाद ही पति के इंग्लैंड चले जाने पर उस वक्त घर में काफी नाराजगी थी। जब वापस आए तो कोच्चि चले गए। पत्नी सरला को भी साथ ले गए। बड़े बेटे का वहां जन्म हुआ था। इसके चलते पूरे परिवार को इस जहाज के साथ ही कोच्चि से विशेष लगाव है। प्रधानाचार्य पद से रिटायर हुईं बहू राजरानी ने बताया कि सास-ससुर जब भी फुर्सत में होते हैं तो इस एलबम में रखी पुरानी तस्वीरों को देखते रहते हैं। जब से आईएनएस विक्रांत के स्वदेशी वर्जन की लांचिंग हुई है, घर में केवल उसी की चर्चा होती है। एसबीआई के एसोसिएट ऑफिसर और दीनानाथ गुप्ता के पुत्र राजेश कुमार भी माता-पिता की इच्छा को पूरा करने के लिए कोच्चि जाने की योजना बना रहे हैं।

विज्ञापन
Deenanath Gupta of Hisar was a member of the team that brought INS Vikrant from England to India in 1961
INS Vikrant - फोटो : PTI

नौसेना को बधाई, देश के लिए बड़ा दिन
आईएनएस विक्रांत की चर्चा होते ही बुजुर्ग दीनानाथ के चेहरे पर रौनक छा जाती है। कहते हैं कि अब देश नौसेना के मामले में भी आत्मनिर्भर बन रहा है। वर्तमान जहाज पहले से अधिक बड़ी व उन्नत तकनीक से लैस है। भारत को समुद्री सीमा की निगरानी के लिए इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना जरूरी था। दीनानाथ गुप्ता ने इस उपलब्धि पर नौसेना को विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed