हरियाणा के हिसार जिले के मंडी आदमपुर खंड के गांव मोहब्बतपुर में बुधवार तड़के करीब तीन बजे संदिग्ध परिस्थितियों में घर में आग लग गई। इस दौरान सो रही दो सगी बहन मोनिका (19) और रिंकू (15) की जलने से मौत हो गई। शोर सुनकर पड़ोस में रह रहे मृतकों के ताऊ और उसके बेटे ने दो अन्य बच्चों को सकुशल बचा लिया। सूचना के बाद आदमपुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जरूरी तथ्य जुटाए।
दो सगी बहनों की जलने से मौत: एक ही कमरे में सो रहे थे चार भाई-बहन, दो पर आंच तक नहीं आई
दर्दनाक हादसे में दो सगी बहने जिंदा जलने से मौत हो गई। उसी कमरे में सो रहे दो भाई बहन को मामूली चोट भी नहीं आई। जिस कारण यह घटना एक पहेली बन गई है। घटना के बाद मौके से बच्चों के पिता के लापता होने से संदेह को बढ़ा दिया है।
आदमपुर थाना प्रभारी मनदीप बलराज चहल, उप निरीक्षक बलजीत, सहायक उप निरीक्षक मनिंद्र सिंह, मुख्य सिपाही सुरेंद्र श्योराण, राकेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। डीएसपी नारायण चंद, एफएसएल टीम इंचार्ज डॉ. अजय व फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ ओमप्रकाश मौके पर पहुंचे। मृतका दोनों बहनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भिजवाया। देर शाम मोनिका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। दूसरी लड़की रिंकू के शव का पोस्टमार्टम गुरुवार को होगा।
इस घटना में चारों बच्चे एक ही कमरे में अलग-अलग चारपाई पर सो रहे थे। दो बहनों की जलकर मौत हो गई, जबकि दो बच्चों पर आंच तक नहीं आई। पुलिस का शक है कि मोनिका व रिंकू के खाने में जहर या नशीला पदार्थ दिया गया हो। जिस कारण वह होश में नहीं आ सकी। इस कारण खुद को बचाने का प्रयास नहीं किया। फॉरेंसिक साइंस टीम ने खाने के सैंपल लिए हैं।
ताऊ पवन के बेटे राहुल ने बताया कि आग लगने लगने पर चाचा छोटूराम के घर से आवाजें आ रही थी। वह दीवार फांदकर छोटूराम के घर गया तो चाचा की बेटी खुशबू के चिल्लाने की आवाजें कमरे से आ रही थी। उसने धक्का देकर कमरे का दरवाजा खोला तो खुशबू कमरे से बाहर आई। शुभम भी चारपाई से कूद कर कमरे से बाहर आ गया। इस दौरान आग काफी तेज हो गई। जिस शोर सुनकर उसके पिता पवन, छोटा चाचा भीम व उसका छोटा भाई प्रवेश भी मौके पर आ गए थे। हमने मोनिका व रिंकू को बचाने का प्रयास किया लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए।
ये उठ रहे सवाल
- दरवाजे के पास सो रही रिंकू व मोनिका ने खुद को क्यों बचाने का प्रयास नहीं किया
- बरामदे में सो रहा बच्चों का पिता छोटूराम कहां है, उसका मोबाइल बंद क्यों है
- कमरे में बिजली भी नहीं थी, गैस सिलिंडर भी नहीं था, आग कैसे लगी
- घर में डीजल की बोतल खाली क्यों पड़ी थी
- मौके से डीजल-पेट्रोल की गंध क्यों आ रही थी
हादसे के समय बिजली कट था
सूचना के बाद बिजली निगम की टीम भी मौके पर पहुंची। बिजली निगम कर्मियों ने बताया कि मोहब्बतपुर में रात 12:30 से 4:30 बजे तक बिजली कट था। ऐसे में शार्ट सर्किट से आग की आशंका नहीं है। कमरे के अंदर गैस सिलिंडर भी नहीं था।
पुलिस ने लिए रात के खाने के सैंपल
पुलिस टीम ने मृतक के घर से मंगलवार रात के समय खाए गए खाने के सैंपल लिए हैं, ताकि पता चल सका कि रात के खाने में कोई नशीला पदार्थ तो नहीं मिलाया गया था। पुलिस ने जले हुए सामान के अलावा अन्य जरूरी तथ्य जुटाए हैं।
लड़कियों के शव पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिए हैं। आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। मृतक के पिता छोटूराम का मोबाइल नंबर स्विच ऑफ आ रहा है। घटना के बारे में अभी अधिक कुछ नहीं कहा जा सकता। - नारायण चंद, डीएसपी, हिसार