हरियाणा में दशहरा धूमधाम से मनाया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व पर जगह जगह रावण का पुतला दहन किया गया। इस दौरान यमुनानगर में रावण का जलता पुतला लोगों पर गिरने से कुछ लोग घायल भी हो गए। वहीं करनाल के घरौंडा में रावण की तिरंगा रंग की पोशाक पर विवाद हो गया।
Haryana: हर्षोल्लास से मनाया दशहरा, यमुनानगर में टला बड़ा हादसा, घरौंडा में विवाद, देखें प्रदेशभर की झलकियां
घरौंडा में असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक पर्व विजयदशमी पर लंकाधिपति रावण का पुतला अपनी तिरंगा पोशाक को लेकर विवादों में घिर गया। कुछ देशभक्तों ने दहन के लिए तैयार किए गए पुतले की पोशाक को तिरंगा बनाने का विरोध शुरू कर दिया।
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बुधवार को श्रीराम लीला कमेटी की ओर से दशहरे पर रावण दहन किया जाता है। स्कूल के प्ले ग्राउंड में आयोजित दशहरा उत्सव पर रावण को खड़ा किया गया तो उसकी पोशाक तीन रंगों में यानी तिरंगा थी। ये वहीं रंग थे, जो राष्ट्रीय ध्वज के रंगों से मिलते जुलते थे। इस पर विवाद उस समय शुरू हुआ, जब किसी वे रावण के पुतले की तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।
पोशाक को लेकर कमेंट्स शुरू हो गए। धीरे धीरे मामला बढ़ता गया। लोगों ने अपनी राय रखनी शुरू कर दी। कहा गया कि तिरंगा वाले रावण के पुतले को जलाना राष्ट्रीय भावना का अपमान होगा। कुछ लोगों ने पुतले को जलने नहीं देने का एलान भी कर दिया। मामला जब श्रीराम लीला कमेटी के संज्ञान में आया तो आयोजन समिति भी हरकत में आई।
श्री रामलीला कमेटी के प्रवक्ता मनीष गुप्ता ने कहा कि रावण की पोशाक को लेकर कुछ विरोध की बातें सुनने को मिली थी, जबकि रावण की पोशाक में बीच की पट्टी सिल्वर कलर की बनाई गई थी लेकिन फिर भी जनभावनाओं और देशभक्ति को देखते हुए तत्काल ही रावण के पुतले के रंग को बदलवा दिया गया है।
यमुनानगर शहर के दशहरा ग्राउंड में रावण के जलते पुतले में से लकड़ी निकालना लोगों की जान आफत में फंस गई। लकड़ी निकालने के दौरान 70 फीट पुतला गिर गया। जिसके नीचे सात लोग दब गए। लोगों पर पुतला गिरता देख मैदान में चीख पुकार मच गई। वहीं पास जा रहे लोगों को रोकने का प्रयास कर रहे पुलिस कर्मचारी पुतले की चपेट में आने से बाल बाल बच गए। लापरवाही के इस हादसे में तीन लोगों को चोट लगने से सिर फट गए।
जबकि दो के कपड़े जल गए। वहीं दो लोग पुतले में लगे पटाखों की चपेट में आने से जल गए। ऐसे में लोगों को काबू करने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। गनीमत रही कि हादसे में जानी नुकसान नहीं हुआ। इसके बाद भी लोग नहीं माने और रावण के पुतले की लकड़ी लेने के लिए दौड़ते रहे। घायल लोगों को एंबुलेंस में पहुंचाया गया।
लोगों पर पुतला देख वहां भगदड़ का माहौल बन गया, जिसे थाना शहर प्रभारी कमलजीत को पुलिस कर्मचारियों के साथ लोगों को वहां से खदेड़ना पड़ा। पुतले के नीचे दबने से सरोजनी कॉलोनी सुरेंद्र कुमार, पुराना हमीदा का विक्रम, बैंक कॉलोनी राकेश, बाड़ी माजरा के मोहित, दीपक घायल हो गए। पुतले के नीचे से निकलने के बाद सातों लोगों में दहशत व डर नजर आया।
करनाल के सेक्टर 4 के मैदान में पुतला दहन हुआ वहीं रेवाड़ी के गांव बेरली में 135 फुट ऊंचा रावण का पुतला जलाया गया।
फतेहाबाद में पुतला बीच में से टूटा, बाद में जेसीबी के सहारे उठाकर जलाया गया
जिले में कई स्थानों पर बुधवार देर शाम को बुराई के प्रतीक रावण के पुतले जलाए गए। रावण का सबसे ऊंचा 70 फुट का पुतला गांव भिरड़ाना में महर्षि दयानंद स्कूल के पास मैदान में जलाया गया। इसके अलावा फतेहाबाद के हुडा सेक्टर की खाली जगह पर श्रीराम सेवा समिति की ओर से पुतला दहन किया गया।
यहां पुतला क्रेन से ऊंचा उठाते समय बीच में से टूटकर लटक गया। इससे पुतला दहन कार्यक्रम में विलंब हो गया। बड़ी मुश्किल से पुतले को जेसीबी के सहारे उठाकर दहन करवाया गया। विधायक दुड़ाराम ने पुतला दहन किया।