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नशे में अपनों को मारा: छिन गया बूढ़े लाचार कंधों का सहारा, दो सगे भाइयों ने ही की बड़े भाई और भाभी की हत्या

Thu, 24 Mar 2022 08:44 PM IST
भूपेंद्र सिंह संजय वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संजय वर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 24 Mar 2022 08:44 PM IST
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Two brothers killed elder brother and his wife in Bhiwani of Haryana
शवों को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाते। राजेंद्र और काजल का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

हरियाणा के भिवानी में नशे की हालत में आपा खोकर अपनों को मार रिश्तों का खून बहा दिया। शराब के नशे ने पलभर में हंसते खेलते परिवार को उजाड़ा तो बुढ़ापे में एक दंपती को उम्र भर का दर्द मिल गया। शराब की वजह से एक परिवार ऐसा उजड़ा कि उसकी दास्तां सुनकर हर कोई सिहर उठा। तोशाम क्षेत्र के गांव गारनपुरा में 72 वर्षीय बुजुर्ग महासिंह ने लकवा ग्रस्त होने की वजह से कई साल पहले बिस्तर पकड़ लिया था। उसके तीन बेटे ही उसकी जिम्मेदारियों को उठा रहे थे, लेकिन शराब ने उनकी हंसती खेलती गृहस्थी को ऐसा डसा कि पलभर में ही बेबस और लाचार आंखों के सामने सब टूटकर बिखर गया।



बूढ़ी आंखों ने जवान बेटे और पुत्रवधू को हमेशा के लिए खो दिया वहीं दो बेटों को अपनों का खून बहाने के जुर्म में अब जेल जाना पड़ेगा। महासिंह और उनकी 65 वर्षीय पत्नी मरमण उम्र के आखिरी पड़ाव में अपने ही हाल पर आ गए। अब ये दोनों अपनी फूटी किस्मत को कोसे या नशे की लत में फंसे दोनों बेटों की दरिंदगी पर आंसू बहाएं, जिन्होंने अपनों का खून बहाते समय जरा भी नहीं सोचा। 

गांव गारनपुरा में दो सगे भाइयों सुरेश और रोहताश ने अपने ही बड़े भाई राजेंद्र और राजेंद्र की पत्नी काजल के हाथ बांधकर बुधवार देर रात को चटनी कूटने वाले सोटे से सिर व चेहरे पर वार कर निर्मम हत्या कर दी थी। नशे में सुरेश और रोहताश इतने निर्दयी हो गए कि भाई और भाभी को आंखों के सामने तड़पता देखकर भी तरस नहीं आया और उन्हें कमरे में बंद कर दिया।

पड़ोसियों को  जब तक इस वारदात की भनक लगी, तब तक काफी देर हो चुकी थी। खून से लथपथ काजल को कमरे से बाहर निकाला, तब तक वह दम तोड़ चुकी थी। वहीं, घायल राजेंद्र ने अस्पताल पहुंचते ही प्राण त्याग दिए। वारदात की चश्मदीद राजेंद्र की मां मरमण ने तोशाम पुलिस थाने में दोनों बेटों सुरेश व रोहताश द्वारा बेटे राजेंद्र व पुत्रवधू काजल की हत्या की शिकायत दी। पुलिस ने दोनों आरोपी बेटों के खिलाफ मां की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज किया। 

Two brothers killed elder brother and his wife in Bhiwani of Haryana
शवों को पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाते। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

साढ़े आठ एकड़ जमीन व मकान का हो चुका था बंटवारा
महासिंह लकवाग्रस्त होकर बिस्तर पकड़ चुके हैं। उनकी गांव में करीब साढ़े आठ एकड़ कृषि योग्य भूमि है, जिसका उसने कुछ अर्से पहले ही तीनों बेटों में बंटवारा कर दिया था। घर के अंदर कलह बढ़ी तो राजेंद्र अपनी पत्नी काजल के साथ उसी घर में बने एक हिस्से में अलग हो गया। महासिंह अपनी पत्नी मरमण और दोनों बेटे सुरेश व रोहताश के साथ अलग रहने लगे। एक ही घर की छत के नीचे रहने के बावजूद अलग-अलग रहने वाले छह सदस्यों के इस कुनबे में ऐसा खूनी खेल हो जाएगा, किसी को इसका आभास तक नहीं था। 

Two brothers killed elder brother and his wife in Bhiwani of Haryana
राजेंद्र और काजल का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

राजेंद्र के घर नहीं थी कोई औलाद
43 वर्षीय राजेंद्र की बिहार निवासी 40 वर्षीय काजल के साथ करीब 12 साल पहले शादी हुई थी। शादीशुदा जिंदगी में उनकी अब तक कोई औलाद नहीं थी। अलग होने के बावजूद राजेंद्र अपने पिता के लिए दवा का इंतजाम कर देता था, जबकि काजल भी अपनी सास मरमण का काम में हाथ बंटाती थी। महासिंह के तीन बेटे और दो बेटी हैं। इसमें राजेंद्र सबसे बड़ा था।

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Two brothers killed elder brother and his wife in Bhiwani of Haryana
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

गांव पालुवास में घरेलू कलह में ली थी पत्नी और पुत्रवधू की जान, फिर निगला था खुद जहर
गांव पालुवास में करीब पौने दो साल पहले भी ऐसा ही मंजर देखने को मिला था। गांव पालुवास निवासी 52 वर्षीय पूर्व सैनिक सुखबीर ने 14 जुलाई 2020 की दोपहर अपनी 50 वर्षीय पत्नी सुमन व 28 वर्षीय पुत्रवधू संजू को कुल्हाड़ी व लोहे की रॉड से मौत के घात उतार दिया था। सुखबीर ने पत्नी और पुत्रवधू के सिर और शरीर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी और पूरे घर का फर्श भी खून से सन गया। दोनों को मौत के घाट उतारने के बाद सुखबीर ने खुद भी जहरीला पदार्थ निगल कर खुदकुशी कर ली थी। यहां भी वजह घरेलू कलह बनी थी। सुखबीर का इकलौता बेटा लवेश पानी का टैंकर डालने बाहर गया था, जबकि घर में दो मासूम बच्चे थे, जिनके सामने यह दिल दहला देने वाली वारदात हुई। पलभर में ही सुखबीर ने पहले अपनी पत्नी और पुत्रवधू की जान ली और फिर दुनिया से अलविदा हो गया।

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Two brothers killed elder brother and his wife in Bhiwani of Haryana
डॉ. राकेश वर्मा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विशेषज्ञ की सलाह

नशे की लत का शिकार होने वाला व्यक्ति खुद की दुनिया में सिमटकर रह जाता है। वह जो कुछ सोचता है, उसी को सही मान बैठता है। अगर उसे कोई रोकता टोकता है तो वह उसे दुश्मन समझने लगता है। उसके गलत बात में साथ देने वाला भी उसका हमदर्द बन जाता है। उसे रिश्ते नातों का कोई लिहाज नहीं होता। अचानक आवेश में आना, गलत और सही का आकलन कर पाना भी उसके लिए मुश्किल हो जाता है। इसलिए नशे से बचाव ही एक मात्र विकल्प है। -डॉ. राकेश वर्मा, सहायक व्याख्याता, मनोविज्ञान विभाग, एमएनएस महाविद्यालय भिवानी। 

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