हरियाणा के भिवानी में बाल सेवा आश्रम के सुपरिंटेंडेंट मनमोहन गिरि की हत्या करने वाला मन में इतनी रंजिश पाले था कि पाइप से उनके सिर में 16 से 20 वार किए। किसी से रंजिश इतनी गहरी थी कि इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छत तक की दीवारें खून से सनी थी। मनमोहन गिरि ने बचाव में हाथ भी आगे किया तो पाइप से उस पर वार किए गए। हाथ पर भी चोट के निशान हैं। हत्या में शक की सुई बाल आश्रम के ही किसी सदस्य या यहां रहने वाले की ओर घूम रही है। पुलिस इस एंगल से जांच में जुटी है।
सुपरिंटेंडेंट हत्याकांड: दीवार पर खून के धब्बों ने बयां की दरिंदगी, हत्यारे ने किया वार पर वार...पुलिस जता रही ये शक
टंकी के पाइप से किए गए वार
हत्या टंकी के चार इंची पाइप से की गई है। खून से सना पाइप क्वार्टर के एक साइड झाड़ियों में पड़ा मिला। ऐसा ही पाइप मनमोहन गिरि के क्वार्टर के एक कमरे में ही पुराने काफी पड़े हैं। संभवत: वहीं से उठाकर हत्या को अंजाम दिया गया है। घटनास्थल की दीवारों के अलावा दरवाजे के फर्श और दीवार, क्वार्टर के बाहर की एक दीवार पर भी खून के निशान हैं।
11 किशोरों और स्टाफ से पूछताछ की
हत्याकांड में पुलिस के शक की सुई स्टाफ सदस्यों पर ही घूम रही है। ऐसे में सबसे पहले पूरे स्टाफ की लिस्ट ली गई है। पुलिस ने आश्रम में रह रहे 11 किशोरों से भी पूछताछ की। ये किशोर 15 से 17 वर्ष के है। इसके अलावा आश्रम में कार्यरत पूरे स्टाफ की जानकारी जुटाकर जांच-पड़ताल की जा रही है।
पुलिस टीम ने डीएसपी के नेतृत्व में पूरे आश्रम के चारों ओर की बाउंड्री का निरीक्षण किया। सारे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस आधार पर प्रथम दृष्टि में यह सामने आया कि बाहर से किसी व्यक्ति के आने की संभावनाएं कम है। अंदर से ही किसी सदस्य ने वारदात को अंजाम दिया है।
रात 10.15 बजे तक मोबाइल पर कर रहे थे बातचीत
सुपरिंटेंडेंट मनमोहन गिरि अपने क्वार्टर 10 नंबर का मुख्य दरवाजा खुला ही रखते थे। रात को भी बंद नहीं करते थे। आश्रम कर्मचारियों और वहां रह रहे किशोरों ने बताया कि रात सवा 10 बजे तक वे फोन पर किसी से बातचीत कर रहे थे। इसके बाद ही वारदात को अंजाम दिया गया है। हालांकि प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि सुपरिंटेंडेंट मनमोहन ने पाइप से हुए हमले में बचाव के लिए अपना हाथ भी आगे अड़ाया है। यानी उस समय तक वे जाग रहे थे। ऐसे में अंदेशा है कि हत्या सवा 10 से 12 बजे के बीच ही की गई है।
लूट नहीं हत्या ही था इरादा
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या करना ही हमलावर का उद्देश्य था। सुपरिंटेंडेंट मनमोहन गिरि गले मे चांदी की चेन पहनते थे और उनकी चेन वहीं गिरी मिली है।
अधिकतर सीसीटीवी खराब, कुछ की खंगाली जा रही फुटेज
आश्रम में वैसे तो हरेक जरूरी जगह पर सीसीटीवी लगे हैं, मगर अधिकतर खराब हैं। ऐसे में जब हत्या के मामले में सीसीटीवी देखे तो मुख्य गेट के पास सीसीटीवी की ही फुटेज मिली। बाकी अधिकतर खराब थे। अब पुलिस सही सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही है।
पानी की टंकी वाले चार इंची लोहे के पाइप से आश्रम के सुपरिंटेंडेंट मनमोहन गिरि की हत्या की गई है। प्राथमिक जांच में लग रहा है कि बाहर से कोई नहीं आया, किसी अंदर के ही सदस्य ने वारदात को अंजाम दिया है। मनमोहन के सिर पर काफी वार किए गए हैं। पुलिस मामले की हर पहलु से जांच कर रही है। जल्द ही हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -वीरेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर