दिल्ली से टूटा चंडीगढ़ का संपर्क: अंबाला में हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर बसे गांवों को घग्गर ने डुबोया, NH 44 बंद
भाखड़ा बांध के पानी ने तोड़ी नरवाना ब्रांच
सुबह भाखड़ा बांध से अचानक से काफी पानी छोड़ दिया। इसने अंबाला नरवाना ब्रांच को तोड़ दिया। इससे कई गांव जलमग्न हो गए और अंबाला सिटी की कॉलाेनियां भी जलमग्न हो गईं। कॉलोनियों में इतना पानी था कि लोगों की गर्दन तक पानी पहुंच रहा था। यह लोग अपने परिवारों का हाथ थामकर कॉलोनियों से बच बचाकर निकलते दिखाई दिए। हालात बिगड़ते देख डीसी डॉ. शालीन और एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जाएगा लिया।
हरियाणा पंजाब बार्डर पर लुधियाना की तरफ वाहन तो सुचारू रूप से गुजर रहे थे। मगर अंबाला में शंभू बार्डर पर स्थित घग्गर नदी ने रौद्र रूप ले रखा था। इस तरफ घग्गर का पानी बढ़ता-बढ़ता पंजाब में जा घुसा। जिसे अंबाला के कई सीमावर्ती गांव नदी के पानी की चपेट में आ गए। इसमें दोनों ही राज्यों की सैकड़ों एकड़ फसल तबाह हो गई। खेतों में पांच से छह फुट का पानी मौजूद दिखाई दिया। अंबाला में तो शंभू बार्डर से पहले लुधियाना अंबाला मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग तक घग्गर का पानी अंबाला सिटी के क्षेत्र को पार करता हुआ पहुंच गया।
तीन दिन में 451 मिलीमीटर बारिश से त्राहिमाम
अंबाला शहर हो या छावनी सभी जगह ये बारिश आफत बनकर आई है। तीन दिन में 451 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जो एक रिकॉर्ड है। देखा गया है कि इतनी बारिश पूरे सीजन में होती है। सोमवार को भी 181 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
माना जा रहा है कि शायद ही इतनी बारिश कभी हुई हो। पहाड़ों से छोड़े पानी के कारण अंबाला में नदियां अपने सुरक्षा मानकों से भी ऊपर बह रही हैं और कई बांधों को तोड़ चुकी हैं। इससे सैकड़ों लोग प्रभावित हो गए हैं। इन लोगों को बचाने के लिए सेना और एनडीआरएफ ने रेस्क्यू अभियान भी शुरू कर दिया है। इसमें सबसे अधिक खराब स्थित शहर में घग्गर से और छावनी में टांगरी से आए पानी से बनी है। यहां सैकड़ों घर हैं, जिनमें अभी लोग मौजूद हैं।
अंबाला में रेलवे ट्रैक पर पानी से कुरुक्षेत्र में स्थगित हुई संपर्क क्रांति, यात्रियों को बसों से किया रवाना
भारी बारिश और नदियों में उफान के चलते अंबाला में बने बाढ़ के हालात का असर रेलवे पर भी पड़ा है। सोमवार को कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर ही ट्रेन संख्या 12217 संपर्क क्रांति को रोकना पड़ा। इस दौरान करीब 500 यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इन्हें बाद में मंजिल तक पहुंचाने के लिए रेलवे विभाग को ही सात बसें लगानी पड़ी। कईं अन्य ट्रेनें भी आगे नहीं बढ़ पाईं तो रेलवे अधिकारी देर रात तक यात्रियों के लिए व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा रही।
जानकारी के मुताबिक संपर्क क्रांति नई दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए रवाना हुई थी और इसका कुरुक्षेत्र में ठहराव नहीं था। रेलवे की ओर से अंबाला में ही इसका ठहराव निर्धारित है, लेकिन रेलवे के अधिकारियों को अंबाला के हालात का पता चला तो ट्रेन काे कुरुक्षेत्र में ही स्थगित करना पड़ा। इसके पश्चात सभी यात्रियों को सुविधा देने के लिए रेलवे प्रशासन की ओर विशेष प्रबंध किए गए। यात्रियों को चंडीगढ़ तक निशुल्क पहुंचाने के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से सात बसों का इंतजाम किया गया और उन्हें गंतव्य की ओर रवाना किया गया।