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World Elder Abuse Awareness Day: अपनों से मिले पराएपन के दर्द में खुदकुशी तक कर लेते हैं बुजुर्ग, गवाह हैं ये मामले
Tue, 15 Jun 2021 01:20 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 15 Jun 2021 01:20 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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मां-बाप जिन बच्चों की भलाई में अपना पूरा जीवन लगा देते हैं, उनसे दर्द मिलने पर वह आत्मघाती कदम तक उठा लेते हैं। गोरखपुर जिले में इस तरह के पिछले दो साल में सात मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें या तो बुजुर्ग ने आत्महत्या कर ली या फिर औलादों ने उनकी हत्या कर दी। बुजुर्ग की शिकायत आने पर पुलिस सक्रिय तो तुरंत होती है लेकिन अपनी औलाद के खिलाफ बुजुर्ग पुलिस में जल्दी शिकायत नहीं करते हैं। देखने में आया है कि इससे उन पर ज्यादतियां बढ़ जाएं तो पता भी नहीं चल पाता है। हालांकि कानून में बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए ऐसे प्रावधान हैं कि वह पुलिस से मदद ले सकते हैं।
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : पेक्सेल्स
केस एक
22 मई 2021 को बेलीपार इलाके में वीडियो कॉल पर भाइयों में संपत्ति का विवाद होने से आहत 75 वर्षीय लालधन ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। बेटे से बात होने के थोड़ी ही देर बाद उन्होंने पत्नी से कहा कि चलो जान दे देते हैं। पत्नी ने उन्हें समझाया मगर कुछ घंटे बाद उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
22 मई 2021 को बेलीपार इलाके में वीडियो कॉल पर भाइयों में संपत्ति का विवाद होने से आहत 75 वर्षीय लालधन ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। बेटे से बात होने के थोड़ी ही देर बाद उन्होंने पत्नी से कहा कि चलो जान दे देते हैं। पत्नी ने उन्हें समझाया मगर कुछ घंटे बाद उन्होंने अपनी जिंदगी खत्म कर ली।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
केस दो
चार अक्तूबर 2019 को चौरीचौरा इलाके के बेलवा बाबू गांव में केशव गोपाल सिंह (70) और उनकी पत्नी द्रौपदी देवी (67) को उनकी बेटी सुमन सिंह ने चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया था। सुमन का तलाक हो गया था और उसे लगता था कि संपत्ति में मां-बाप उसे उतना हिस्सा नहीं देंगे जितना कि भाइयों को मिलेगा। पुलिस ने चाकू भी बरामद किया था।
चार अक्तूबर 2019 को चौरीचौरा इलाके के बेलवा बाबू गांव में केशव गोपाल सिंह (70) और उनकी पत्नी द्रौपदी देवी (67) को उनकी बेटी सुमन सिंह ने चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया था। सुमन का तलाक हो गया था और उसे लगता था कि संपत्ति में मां-बाप उसे उतना हिस्सा नहीं देंगे जितना कि भाइयों को मिलेगा। पुलिस ने चाकू भी बरामद किया था।
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केस तीन
2017 में बेतियाहाता के पास एक बुजुर्ग ने सड़क पर तीन रात गुजारी थी। बेटे ने उनकी बीमारी से परेशान होकर घर से निकाल दिया था। जब इसकी जानकारी बुजुर्ग के कुछ रिश्तेदारों को हुई तो पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस ने पहल करके बुजुर्ग को घर में वापस कराया था और उनकी मौत तक पुलिस निगरानी भी करती रही।
2017 में बेतियाहाता के पास एक बुजुर्ग ने सड़क पर तीन रात गुजारी थी। बेटे ने उनकी बीमारी से परेशान होकर घर से निकाल दिया था। जब इसकी जानकारी बुजुर्ग के कुछ रिश्तेदारों को हुई तो पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस ने पहल करके बुजुर्ग को घर में वापस कराया था और उनकी मौत तक पुलिस निगरानी भी करती रही।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
सजा और जुर्माना का भी प्रावधान
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण व कल्याण कानून, 2007 के तहत अगर बुजुर्ग मां-बाप या घर के किसी भी सदस्य को परेशान किया जाता है तो इसके तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें कानून में तीन माह की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना तक का प्रावधान है। हालांकि अभी इस कानून के बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते हैं, जिस वजह से शिकायत से डरते हैं।
माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण व कल्याण कानून, 2007 के तहत अगर बुजुर्ग मां-बाप या घर के किसी भी सदस्य को परेशान किया जाता है तो इसके तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें कानून में तीन माह की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना तक का प्रावधान है। हालांकि अभी इस कानून के बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते हैं, जिस वजह से शिकायत से डरते हैं।