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विस चुनाव-2022: संगठन के ढांचे को पुराने फार्मूले पर फिर से खड़ा करेगी बसपा, एससी और सवर्ण समाज को एक साथ लाने में जुटी पार्टी
Tue, 15 Jun 2021 12:22 PM IST
vivek shukla
राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 15 Jun 2021 12:22 PM IST
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बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा चुनाव-2022 की तैयारियों में जुटी बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) ने गोरखपुर शहर से लेकर गांव स्तर पर नई टीम बनानी शुरू कर दी है। संगठनात्मक ढांचे में बदलाव पुराने फार्मूले पर किया जा रहा है। परंपरागत दलित वोटों को सहेजते हुए पिछड़े समाज पर अधिक फोकस किया जा रहा है। वहीं, भाईचारा कमेटियों में क्षेत्रवार सवर्ण समाज के लोगों को अहम जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। पार्टी के रणनीतिकारों की मानें तो संगठन में जातीय संतुलन ही जीत का प्रमुख आधार बनेगा।
ब्राह्मण भाईचारा कमेटी के सेक्टर संयोजक अमर चंद दूबे, महानगर अध्यक्ष सुरेश भारती व जिलाध्यक्ष घनश्याम राही।
- फोटो : अमर उजाला।
एससी और सवर्ण को एक साथ लाने की जुगत
भाईचारा कमेटियों को वर्ष 2005 के फार्मूले पर तैयार किया जा रहा है। एससी और सवर्ण समाज को एक साथ लाने में पार्टी जुटी है। अभी विधानसभा स्तर पर ब्राह्मण, क्षत्रिय और ओबीसी की कमेटियां बनाई जा रही हैं। इसमें संयोजक सवर्ण समाज या ओबीसी से और उसके साथ सह संयोजक अनुसूचित जाति से रखा जाएगा। ब्राह्मण समाज से अमर चंद दुबे को गोरखपुर-बस्ती मंडल का सेक्टर संयोजक बनाया गया है। इसी प्रकार क्षत्रिय समाज से ज्ञान प्रकाश सिंह और ओबीसी से लालचंद निषाद को जिम्मेदारी दी गई है।
भाईचारा कमेटियों को वर्ष 2005 के फार्मूले पर तैयार किया जा रहा है। एससी और सवर्ण समाज को एक साथ लाने में पार्टी जुटी है। अभी विधानसभा स्तर पर ब्राह्मण, क्षत्रिय और ओबीसी की कमेटियां बनाई जा रही हैं। इसमें संयोजक सवर्ण समाज या ओबीसी से और उसके साथ सह संयोजक अनुसूचित जाति से रखा जाएगा। ब्राह्मण समाज से अमर चंद दुबे को गोरखपुर-बस्ती मंडल का सेक्टर संयोजक बनाया गया है। इसी प्रकार क्षत्रिय समाज से ज्ञान प्रकाश सिंह और ओबीसी से लालचंद निषाद को जिम्मेदारी दी गई है।
महानगर अध्यक्ष सुरेश भारती
- फोटो : अमर उजाला।
महानगर अध्यक्ष सुरेश भारती ने बताया कि हर वार्ड में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना है। 25 सक्रिय कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। महानगर में 500 कार्यकर्ताओं की एक टीम बनानी है। सक्रिय युवाओं को ज्यादा महत्व दिया जाएगा। भाईचारा कमेटियों का गठन अलग से किया जा रहा है। तीन-चार महीने में महानगर की एक शक्तिशाली टीम तैयार कर लेंगे, इसका सीधा लाभ विधानसभा चुनाव में मिलेगा।
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जिलाध्यक्ष घनश्याम राही।
- फोटो : अमर उजाला।
जिलाध्यक्ष घनश्याम राही ने बताया कि सेक्टर स्तर पर गठन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इसके बाद बूथ स्तर पर संगठन को नए सिरे से खड़ा किया जाएगा। पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जा रही है। जातिगत समीकरण को भी ध्यान में रखा गया है। सर्वसमाज को लेकर विधानसभा चुनाव से पहले एक मजबूत संगठन खड़ा कर लेंगे।
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सेक्टर संयोजक अमर चंद दुबे।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर-बस्ती मंडल के ब्राह्मण भाईचारा कमेटी के सेक्टर संयोजक अमर चंद दुबे ने बताया कि विधानसभा स्तर पर भाईचारा कमेटी का गठन पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर किया जा रहा है। छोटी-छोटी बैठकें करके सक्रिय लोगों को जोड़ने की कोशिश है। पुराने और अनुभवी लोगों को भी अहम जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि संगठन में युवा और अनुभव दोनों एक साथ मिलकर काम करें।