सिद्धार्थनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बढ़नी में कोविड-19 टीकाकरण में 14 मई को वैक्सीन का दूसरा डोज लगवाने वाले 20 ग्रामीणों को कोविशील्ड की बजाय कोवाक्सिन लगा दी गई। जांच में मामला सही पाया तो सीएमओ ने तीन जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर दी। सीएमओ ने एएनएम कमलावती को निलंबित, कोल्ड चेन मेंटेन रखने की प्रभारी शांति सिंह से वित्तीय वसूली एवं अधीक्षक डॉ. एसके पटेल को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। गलत टीका लगने के कारण ग्रामीणों में भयभीत बना हुआ है। टीका लगवाने वाले नंदलाल चौधरी ने बताया कि उन्हें पहली डोज कोविशील्ड की लगी थी, उसके बाद दूसरी डोज कोवाक्सिन लगा दी गई। भगवान का शुक्र है कि अभी कोई दिक्कत नहीं है। पहले स्वास्थ्य की टीम जांच करने नहीं आई, जब मामला संज्ञान में आया तो आज (गुरुवार) टीम जांच करने आई है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर ...
सिद्धार्थनगर: पहली डोज कोविशील्ड तो दूसरी लगा दी कोवाक्सिन, पीड़ित बोले- 'अब भगवान ही मालिक हैं'
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औदही कलां गांव की रहने वाली चंद्रावती ने बताया कि टीका लगने के बाद दो दिन उन्हें तेज बुखार था। पहली वैक्सीन (कोविशील्ड) खत्म हो गई थी, इस वजह से डॉक्टरों ने उन्हें दूसरी वैक्सीन (कोवाक्सिन) लगा दी। टीका लगने के बाद लोगों को गलती का एहसास हुआ। वहीं मोहम्मद इकराम का कहना है कि उन्हें इसके बारे में जानकारी ही नहीं थी। जब स्वास्थ्य की टीम जांच करने घर आई तो पता चला टीका ही गलत लग गया है। अब सब भगवान के ऊपर है। वहीं उर्मिला बताती हैं कि उन्हें टीका लगने के बाद कोई परेशानी नहीं हुई है। डॉक्टर की टीम जांच कर रही है।
औदही कलां गांव के गोपाल प्रसाद का कहना है कि टीका गलत होने की सूचना उनके पास नहीं थी। ब्लॉक से हालचाल पूछने के लिए फोन आया तो इसकी जानकारी हुई। फिलहाल तबीयत में कोई खराबी नहीं है। रामसूरत का कहना है कि भ्रम की वजह से दूसरी वैक्सीन लगा दी गई, अभी कोई दिक्कत नहीं है। डॉक्टरों की टीम लगातार जांच कर रही है। 20 लोगों को गलत वैक्सीन लगने से परिजन परेशान हैं कि भविष्य में इसका कोई नुकसान न हो।
वहीं गांव में जांच करने पहुंचे डॉक्टर एस. खान ने बताया कि 14 मई को 20 लोगों को कोविशील्ड की बजाय कोवाक्सिन लगा दी गई थी। इन सभी लोगों की जांच की जा रही है, किसी को कोई समस्या नहीं है। सभी का ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन लेवल एक दम सामान्य है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार इन लोगों की निगरानी कर रही है।
वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि इस संबंध में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सौरव चतुर्वेदी एवं एसीएमओ डॉ. डीके चौधरी से जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में उक्त तीन की गलती सामने आई हैं। इसके अलावा जांच में वैक्सीन की पांच शीशी भी गायब मिली हैं।
बता दें कि सिद्धार्थनगर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह का गृह जिला है। यहां बढ़नी पीएचसी पर ग्रामीणों को पहली बार एक अप्रैल को कोविशील्ड का टीका लगा था, जबकि दूसरे डोज में 14 मई को उन्हें कोवाक्सिन का टीका लगा दिया गया। गांव की मालती देवी, छेदीलाल, सनेही, शहाबुद्दीन, मोहम्मद इकराम धोबी, रामसूरत, राधेश्याम शुक्ल, बेलावती, इंद्र बहादुर, रामकुमार, गोपाल, मुन्नी, अनारकली, चंद्रावती, सोमना, रामकिशोर, रामप्रसाद, उर्मिला, नंदलाल चौधरी सहित 20 लोगों को कोरोना टीका का दूसरा डोज दूसरी कंपनी का लगा दिया गया था। सभी ग्रामीणों पर स्वास्थ्य विभाग नजर रखे है। फिलहाल सभी स्वस्थ हैं।