गोरखपुर जिले में गांव की सरकार चुनने में युवा से लेकर बुजुर्ग मतदाताओं में उत्साह दिखा। पहली दफा वोट डालने आए युवाओं में विशेष उत्साह रहा। महिलाएं भी पीछे न रहीं। कई बूथों पर चिलचिलाती धूप में भी घूंघट की आड़ में महिलाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हालांकि दोपहर में मतदाता छांव तलाशने लगे लेकिन जैसे ही तपिश कम हुई बूथों पर सुबह जैसा ही नजारा दिखने लगा।
UP Panchayat Election 2021: गांव की सरकार चुनने में उत्साहित दिखे युवा से लेकर बुजुर्ग मतदाता, देखें तस्वीरें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुवार को सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ तो बूथों पर लोग कतारों में लग गए। नौ बजे तक लंबी-लंबी कतारें लग गईं और मतदान का ग्राफ भी तेजी से बढ़ गया। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुबह नौ बजे जो वोट का प्रतिशत मात्र 9.80 प्रतिशत था, वह बढ़कर 11 बजे तक 20.84 प्रतिशत तक पहुंच गया। सबसे ज्यादा ब्रह्मपुर और सहजनवां में लोगों ने इस समय तक मतदान कर दिया था।
ब्रह्मपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत डुमरैला में तीन बूथों पर दोपहर एक बजे तक लाइनों का क्रम नहीं टूटा। पहली बार मतदान करने पहुंचे प्रफुल्ल राय, आदित्य व चंद्रप्रकाश राय काफी खुश नजर आए। बोले, प्रधान चुनने के लिए मतदान का इंतजार काफी दिनों से था। विकास ही हमारे लिए प्रमुख म़ुद्दा है। वहीं बेलघाट में मुरारपुर में 118 वर्ष के बुजुर्ग को गोद में लिए एक युवक बूथ पर पहुंचा तो लोगों ने मतदान के प्रति इस जुनून को खूब सराहा। इसी प्रकार पाली में भेलउर में बुजुर्ग महिला सुमित्रा देवी भी सहारा लेकर बूथ तक पहुंची और गांव की सरकार चुनने में भागीदारी दिखाईं।
दोपहर तक शहरी मतदाता कम पहुंचे तो बजने लगी मोबाइल की घंटी
गांव की अपेक्षा शहर में रहने वाले मतदाताओं में कोरोना का डर देखने को मिला। दोपहर तक बहुत सारे गांवों में जब शहर से लोग वोट डालने नहीं पहुंचे तो प्रत्याशी और उनके समर्थकों के फोन मोबाइल पर आने शुरू हो गए।
रिश्तेदारों और दोस्तों ने संभाला मोर्चा
ब्रह्मपुर ब्लॉक में जिला पंचायत सदस्य चुनाव में कई बूथों पर व्यवस्था की जिम्मेदारी रिश्तेदारों व दोस्तों ने संभाल रखा था। भाजपा समर्थित एक प्रत्याशी के रिश्तेदार ने बताया कि दो दिन से वे गांव में हैं। आसपास के गांवों में कई रिश्तेदारी है, वहां जाकर मतदाताओं को सहेजा।
...और जब भूल गईं चुनाव चिह्न
कई बूथों पर ऐसा भी देखने को मिला कि पति व पत्नी साथ वोट डालने गए और पत्नी प्रत्याशी का चुनाव चिह्न ही भूल गईं। ब्रह्मपुर ब्लॉक के डुमरी गांव में एक बूथ पर पति ने वोट डाल दिया और उनके बाद पत्नी का नंबर था। बैलेट पेपर लेकर पति की तरफ देखने लगीं तो पति पास जाकर चुनाव चिह्न बताए। दरअसल, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी व ग्राम प्रधान का चुनाव एक साथ होने से भी मतदाताओं में चुनाव चिह्न को लेकर भ्रम की स्थिति थी। कई बूथों पर ऐसा भी देखने को मिला कि महिलाएं जिस प्रत्याशी को वोट देने गई थीं उसका चुनाव चिह्न ही भूल गईं और दूसरे प्रत्याशी को वोट डाल दिया।