कुशीनगर जिले के अहिरौली बाजार थाना इलाके के परसा गांव में रोंगटे खड़े करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने अपनी मां और पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद लाश से मांस नोचकर खाने लगा। आरोपी छत से टुकड़े फेंकने लगा। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पारिवारिक विवाद में यह दोहरा हत्याकांड हुआ।
रोज की तरह सोमवार की सुबह भी आरोपी सिकंदर की पत्नी प्रियंका और मां रूना देवी छत पर अलाव के पास बैठी थीं। वहीं नशे की हालत में सिकंदर पहुंचा। शराब पीने का पत्नी ने विरोध किया तो दोनों में कहासुनी हो गई। इसी गुस्से में सिकंदर ने छत पर रखे पत्थर के टुकड़े को उठाकर प्रियंका के सिर पर पीछे से वार कर दिया। मां बीच बचाव करने गई तो उनके सिर पर भी उसी पत्थर से हमला कर दिया। दोनों के अचेत होने के बाद सिर को कूंच दिया। करीब डेढ़ घंटे तक वह छत पर तांडव मचाता रहा और इसकी भनक तक पड़ोसियों को नहीं लगी।
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रूना देवी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिस बेटे के लिए दर-दर भटकी, उसने छीनीं सांसें
परसा गांव के रहने वाले बनवारी और उनकी पत्नी रूना देवी को चार बेटियां थीं। बेटे की चाहत में दर-दर दोनों ने हाजिरी लगाई। कोई भी कहीं बताता तो दोनों चले जाते, इस उम्मीद में कि उनके बुढ़ापे का सहारा उन्हें मिल जाएगा।
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आरोपी सिकंदर की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चार बेटियों के बाद हुआ था सिकंदर का जन्म
आखिर भगवान ने भी उनकी सुन ली और चार बेटियों प्रतिमा, शीला, शोभा, सविता के बाद बेटे ने जन्म लिया। बड़े अरमान से नाम रखा सिकंदर। बेटियों की शादी के बाद सिकंदर की शादी भी करीब चार साल पहले धूमधाम से की। हालांकि शादी के कुछ समय बाद ही बनवारी की मौत हो गई।
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पति, पत्नी और मां
- फोटो : अमर उजाला
मन नहीं लगने पर घर लौट आया था सिकंदर
मां और पत्नी की जिम्मेदारी सिकंदर के कंधे पर आ गई। पिता की मौत के बाद सिकंदर रोजगार के सिलसिले में बाहर कमाने गया पर उसका मन नहीं लगा तो वापस आ गया।
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बहू और सास
- फोटो : अमर उजाला
शादी के चार साल बाद भी नहीं हुए थे बच्चे
इधर, शादी के चार साल बाद भी बच्चे के न होने और रोजगार का कोई स्थायी माध्यम नहीं होने के कारण सिकंदर तनाव में आने लगा और इसी के बीच वह नशे का भी आदी हो गया। इस कारण उसकी पत्नी से अक्सर विवाद होने लगा। पत्नी भी बार-बार मायके चली जाती लेकिन सिकंदर की आदत नहीं सुधरी।