फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

UP News: गोरखपुर में बेलगाम झोलाछाप ले रहे मरीजों की जान, डिग्री न ही पढ़ाई, फिर भी पेशा है डॉक्टरी

Thu, 08 Dec 2022 10:39 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 08 Dec 2022 10:39 AM IST
विज्ञापन
Unbridled quackery in Gorakhpur taking lives of patients in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

गोरखपुर शहर में बिना डिग्री वाले (झोलाछाप) मरीजों की जान ले रहे हैं। इसके बाद भी विभाग की नींद नहीं टूट रही है। न इनके पास कोई डिग्री है और न ही इन्होंने कोई पढ़ाई की है। फिर भी इनका पेशा डॉक्टरी है। इतना सब होने के बाद भी विभाग नींद से तब जाग रहा है, जब किसी मरीज की मौत हो जा रही है।



दो केस तो महज बानगी हैं। ऐसे हर दिन कोई न कोई मरीज बिना डिग्री वालों की पकड़ में आ रहा और आर्थिक शोषण के साथ जान भी गवां रहा है। तारामंडल, पैडलेगंज, पादरी बाजार और बीआरडी मेडिकल कॉलेज का गुलरिहा इलाका ऐसे अस्पतालों के हब बनते जा रहे हैं। इसके बाद भी विभाग ऐसे लोगों पर नजर-ए-इनायत किए हुए है। स्थिति ऐसी है कि केस बिगड़ने पर ये लोग मरीजों को बीआरडी रेफर कर दे रहे हैं।

 

Unbridled quackery in Gorakhpur taking lives of patients in gorakhpur
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

बिना डिग्री वाले चला रहे ट्रॉमा सेंटर
तारामंडल, गुलरिहा, पैडलेगंज इलाके में कई ऐसे बीएएमएस मिल जाएंगे, जो न केवल एलोपैथ पद्धति से इलाज कर रहे, बल्कि गंभीर मरीजों के लिए ट्रॉमा सेंटर, न्यूरो अर्बन यूनिट, आईसीयू व स्पेशियलिटी हॉस्पिटल भी चला रहे हैं। यही नहीं, यहां बड़े ऑपरेशन और डायलिसिस तक की सुविधा इन अस्पतालों में मौजूद है। तारामंडल में तो ऐसे अस्पताल चलाए जा रहे हैं, जहां पर इलाज बीएएमएस डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। इन अस्पतालों में बड़े-बड़े डॉक्टरों के नाम के बोर्ड भी लगाए गए हैं। जबकि, ये डॉक्टर उसे अस्पतालों में इलाज के लिए जाते भी नहीं है।

 

Unbridled quackery in Gorakhpur taking lives of patients in gorakhpur
सांकेतिक। - फोटो : istock

बिना डिग्री वालों के झोले में है हर मर्ज की दवा
शहर में बिना डिग्री वाले आयुर्वेदिक, एलोपैथी और होम्योपैथी सभी विधि से मरीजों का इलाज करने में माहिर होने का दावा करते हैं। तारामंडल में इनकी दुकानें संचालित हो रहीं हैं। ऐसे अस्पतालों पर विभाग ने कुछ दिनों पर पूर्व कार्रवाई भी की है। इन अस्पतालों में न्यू लोटस, जेएस और कालिंदी जैसे अस्पताल शामिल हैं।

अस्पताल पंजीकरण नोडल अधिकारी डॉ. एके सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग बिना डिग्री वाले और बिना पंजीकरण के चल रहे अस्पतालों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है। अब तक ऐसे 84 अस्पतालों पर कार्रवाई की जा चुकी है। ये सभी अस्पताल बिना पंजीकरण के चल रहे थे। कई मामलों में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।


 

विज्ञापन
विज्ञापन
Unbridled quackery in Gorakhpur taking lives of patients in gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

केस
बंगाली ने कर दी सर्जरी, मौत

खोराबार थाना क्षेत्र के कुसम्ही मोतीराम अड्डा मार्ग पर आयुष नाम का एक अस्पताल चंदन नाम का एक बिना डिग्री वाला व्यक्ति चल रहा था। बंगाली क्लीनिक के नाम से इस अस्पताल में बवासीर और भगंदर से लेकर सभी तरह के फोड़ा-फुंसी के ऑपरेशन किए जाते थे। चंदन ने ही खोराबार थाना क्षेत्र के जंगल रामगढ़ उर्फ रजही निवासी राम आशीष का बवासीर का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद आशीष की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया है।

 

विज्ञापन
Unbridled quackery in Gorakhpur taking lives of patients in gorakhpur
सांकेतिक। - फोटो : अमर उजाला।
केस-दो
दो इंजेक्शन लगाया, थोड़ी देर बाद किशोर की हो गई मौत  
कैंट थाना क्षेत्र में स्थित एक अस्पताल में कंदराई निवासी लाल चंद यादव 12 वर्षीय बेटे प्रिंस यादव को इलाज के लिए लेकर आए थे। प्रिंस के पैर में के दाएं अंगूठे का नाखून दब रहा था। आरोपी बिना डिग्री वाले व्यक्ति विजय यादव ने प्रिंस के ऑपरेशन से पहले दो इंजेक्शन लगाए। इंजेक्शन लगाने के थोड़ी ही देर बाद प्रिंस के मुंह से झाग निकलने लगा। इस दौरान थोड़ी ही देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा किया तो विजय फरार हो गया। मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। बाद में स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील किया।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed