गोरखपुर: पांच दिनों के अंदर पिता ने उठाई दो जवान बेटों की अर्थी, बोले- भगवान किसी को ना दिखाए ये दिन
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इस बीच कोरोना ने सभी का काम धंधा चौपट कर दिया। ऐसे में राकेश को भी घरवापसी करनी पड़ी। वह 30 अप्रैल 2021 को अपने घर लौट आया। इसके अगले ही दिन एक मई को अचानक राकेश को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परिजनों ने उसे तत्काल सीएचसी ठर्रापार ले गए। वहां से डाक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजन अभी उसे अस्पताल लेकर पहुंचे ही थे कि तत्काल ऑक्सीजन न मिलने के कारण राकेश ने दम तोड़ दिया। बड़े भाई की मौत के बाद छोटे भाई ने अंतिम संस्कार की सारी प्रक्रिया पूरी कराई, इस बीच उसे भी कोरोना ने अपनी चपेट में ले लिया।