कोरोना संक्रमण के कारण बड़ी संख्या में यहां के मजदूर विदेशों में फंस गए हैं। वह अपने घर आने की राह देख रहे हैं। ऐसे मजदूरों को सहारा बनीं हैं जिले में पली-बढ़ी भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री कनक पांडेय।
इस अभिनेत्री की मदद से दुबई से भारत आए 3 हजार मजदूर, बोली- 'गोरखपुर में बीता एक-एक पल भुलाया नहीं जाता'
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जो पूर्वांचल प्रवासी मिलन संस्था की मदद से दुबई में फंसे पूर्वांचल के कामगारों को घर तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। उनकी मदद से 19 जून से अब तक 13 फ्लाइट में तीन हजार लोग दुबई से भारत आ चुके हैं।
अभिनेत्री कनक पांडेय मूल रूप से तो गोपालगंज, बिहार की रहने वाली हैं। लेकिन पली-बढ़ी गोरखपुर में हैं। 20 साल से उनका परिवार गीडा में रहता है। उनके पिता आमोद प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। 15 दिन पहले कनक पांडेय दुबई से गोरखपुर पहुंची।
अभिनेत्री ने बताया कि वह पूर्वांचल प्रवासी मिलन (पीपीएम) की सह संस्थापक हैं। यूपी, बिहार और झारखंड के रहने वाले 700 अन्य लोग भी पीपीएम से जुड़े हैं। जिनके सहयोग से दुबई में फंसे गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, लखनऊ, वाराणसी के अलावा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के कामगारों को 13 फ्लाइट से घर भेजा गया। किराए का 50 प्रतिशत भुगतान पूर्वांचल प्रवासी मिलन ने किया, शेष रकम प्रवासी कामगारों ने दी।
एडी गर्ल्स कॉलेज से की इंटरमीडिएट की पढ़ाई
कनक पांडेय ने बताया कि उनका बचपन गोरखपुर में ही बीता है। शहर के एडी गर्ल्स कॉलेज से उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। बीए में उनका दाखिला महाराणा प्रताप डिग्री कॉलेज में हुआ लेकिन पढ़ाई बीच में छूट गई। गोरखपुर में बीता एक-एक दिन भूलाया नहीं जा सकता। कामकाज से फुर्सत मिलते ही घर चली आती हूं।