दूसरे राज्यों से जिले में आने वाले लोगों को अब आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखानी होगी। उन्हें कोविड का टीका लगा है या नहीं, इसका भी प्रमाण देना होगा। रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) टीम भी ऐसे लोगों की खोजबीन करते हुए लक्षण मिलने पर कोरोना जांच कराएगी। जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग पुलिस की भी मदद लेगा। देश के दूसरे राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ने की वजह से शासन ने यह फैसला लिया है।
यूपी: देश के दूसरे राज्यों में बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले, अब गोरखपुर में दिखानी होगी ये रिपोर्ट
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इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी भी शुरू कर दी है। विभाग जल्द ही पुलिस की मदद से चेक प्वाइंट जैसे रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर बाहर से आने वाले लोगों की जांच कराएगा। आरआरटी को सक्रिय करते हुए बाहर से आने वाले लोगों की कोरोना जांच भी कराई जाएगी।
डेल्टा, डेल्टा प्लस हो सकता है खतरनाक
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि अगस्त या फिर सितंबर माह में तीसरी लहर आ सकती है। यह लहर कितनी खतरनाक होगी, इसे बता पाना मुश्किल हैं। लेकिन दूसरे राज्यों और दूसरे देशों अमेरिका, यूरोप में जिस तरह से डेल्टा, डेल्टा प्लस ने तबाही मचाई है, उससे एक बात तो तय है कि तीसरी लहर में डेल्टा म्यूटेशन कहर बरपा सकता है। क्योंकि जिले में डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट मिल चुके हैं। इसके अलावा कुशीनगर और महराजगंज में भी तीनों वैरिएंट के मरीज मिले हैं।
बाहर से आने वाले लोगों की सूचना कंट्रोल रुम को दें
स्वास्थ्य विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि बाहर से आने वाले लोगों की सूचना कंट्रोल रूम को जरूर दें। जिससे सही समय पर उनकी जांच कराते हुए यह पता किया जा सके कि उन्होंने टीका लगवाया है नहीं। पहली लहर में लोगों की सूचना पर कई लोगों की सही समय पर जांच और पहचान हो सकी थी। इसकी वजह से संक्रमण की स्थिति काफी हद तक थमी थी। दूसरी लहर में लोगों ने सूचना नहीं दी। इसकी वजह से महज 45 दिनों में कोरोना ने जबरदस्त कहर जिले में बरपाया था।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा कि रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को लगाया गया है। अब नए सिरे से स्वास्थ्य विभाग की टीम गैर राज्यों से आने वाले लोगों की आरटीपीसीआर जांच करेगी। साथ ही आरआरटी टीम को सक्रिय करते हुए गैर राज्यों से आने वाले लोगों की जांच कराई जाएगी।