माह-ए-रमजान का 30वां रोजा रविवार को मुकम्मल हो गया। लोगों ने अपनी छतों से ईद के चांद का दीदार कर चांद देखने की दुआ पढ़ी। अल्लाह से खैर व बरकत की दुआ मांगी।
Eid Mubarak 2020: उलेमाओं ने किया ईद के चांद का दीदार, मांगी दुआ, कहा- 'घरों से न निकलें, सादगी से मनाएं ईद'
मस्जिदों में एतिकाफ में बैठे लोगों ने अपना एतिकाफ मुकम्मल कर अल्लाह का शुक्र अदा किया। इफ्तार करने के बाद जहां पुरुषों ने ईद का सामान जैसे सेंवई, खोवा, मेवा आदि खरीदने के लिए पास की दुकानों की तरफ रुख किया, वहीं महिलाएं घरों को साफ-सुथरा करने में जुट गईं।
रोजेदारों ने चांद रात में सलातुल तस्बीह की नमाज पढ़ी। कुरआन-ए-पाक की तिलावत की। खूब दरूदो-सलाम का नजराना पेश किया। गुनाहों की माफी मांगी। खुसूसी दुआएं मांगी। महिलाओं ने भी नमाज, तिलावत व तस्बीह कर अल्लाह से दुआएं मांगीं।
बाकी लोग घरों में दो या चार रकात नफ्ल नमाज चाश्त बतौर शुकराना अदा करें। ईद कपड़ों का नहीं अपनों का त्योहार है। सब्र व नमाज से मदद तलब करें। ईद के दिन भी इबादत व तिलावत करें। बेवजह घर से बाहर न निकलें। फिजिकल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें। कोरोना वॉयरस के खात्मे की खुसूसी दुआ करें।
मुफ्ती-ए-गोरखपुर के मुफ्ती अख्तर हुसैन ने कहा कि दो रकात की नियत इस तरह होगी नियत की मैंने दो रकात नमाज नफ्ल की, वास्ते अल्लाह तआला के, मुहं मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।
चार रकात की नियत इस तरह करेंगे नियत की मैंने चार रकात नमाज चाश्त की, वास्ते अल्लाह तआला के, मुहं मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर। यह चारों रकात नमाज एक नियत एक सलाम से पढ़ी जायेगी। नमाज के बाद 34 मर्तबा अल्लाहु अकबर कहें। इसके बाद दुआ मांगें। फोन के माध्यम से ईद की मुबारक पेश करें।
ईद सादगी से मनाएं। जकात व फित्रा की रकम हकदारों तक पहुंचा दें। अपने बच्चों के साथ-साथ गरीबों के बच्चों को भी ईदी जरूर दें। पैगंबर-ए-आजम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ईद-उल-फित्र के दिन कुछ खाकर नमाज के लिए तशरीफ ले जाते थे।