कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जो बचाव के उपायों मसलन मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग की उपेक्षा करके खुद के साथ ही अपने परिवार और समाज के दूसरे लोगों के लिए खतरा बन रहे हैं। कोरोना से बचाव के सभी उपायों की अनदेखी करने वाले अस्पताल, बाजार, सड़कों पर और कई दफ्तरों में कभी भी देखे जा सकते हैं। यह लापरवाही भी तब है, जबकि पुलिस सघन जांच अभियान चलाकर चालान काटने जैसी कई सख्त कार्रवाई कर रही है।
समाज और परिवार के लिए खतरा बन रहे हैं ये लोग, तस्वीरों में देखें ऐसे उड़ रही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां
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देश के भीतर कोरोना संक्रमितों की संख्या चार लाख पार हो गई है। हजारों लोगों को यह अनजान और अदृश्य वायरस, अपना शिकार बना चुका है। शिकार बनाने का सिलसिला दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। इससे बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सरकार के करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं। सड़कों से लेकर गली-गली तक प्रशासन और पुलिस के अफसर, कर्मचारी गाड़ियों से लेकर पैदल गश्त कर लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और मुंह पर मास्क लगाकर ही घर से निकलने की अपील कर रहे, बावजूद इसके बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
कलेक्ट्रेट: परिसर में भीड़, दफ्तरों के भीतर सख्ती
डीएम, एडीएम समेत राजस्व से जुड़े सभी अफसरों के कोर्ट और सभी दफ्तरों में अभी आम आदमी की एंट्री बंद है, मगर कलेक्ट्रेट परिसर की सड़कों पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में लोग दिखाई पड़ रहे हैं। इनमें कई जगहों पर तो लोग झुंड की शक्ल में खड़े होकर सोशल डिस्टेंसिंग की पूरी तरह अनदेखी कर रहे हैं। कुछ ऐसे भी हैं जिनके चेहरे पर मास्क नहीं होता। पुलिस या प्रशासनिक अफसर जब अपने दफ्तरों से बाहर निकलते तो थोड़ी देर के लिए लोग मास्क, मुंह पर चिपकाने से लेकर फिजिकल दूरी भी बना लेते हैं, मगर थोड़ी ही देर में पुराना माहौल व्याप्त हो जा रहा है।
जाम में कैसे हो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ?
बाजारों में भीड़ न लगे इसलिए जिला प्रशासन ने दुकानों के लिए तो रोस्टर जारी कर दिया, मगर सड़कों पर उमड़ रही भारी भीड़ अभी चिंता का विषय बनी हुई है। रोजाना कई इलाकों में जाम लग रहा। इस दौरान कार वाले तो सुरक्षित हैं, मगर सैकड़ों की संख्या में बाइक सवार एक-दूसरे से सटकर खड़े हो रहे जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। शहर के पैडलेगंज से लेकर छात्र संघ चौराहे और रेल म्यूजियम से लेकर यूनिवर्सिटी चौराहा, मोहद्दीपुर, बैंक रोड और कचहरी चौराहे पर दिन भर में कई बार 10 मिनट से लेकर 25 मिनट तक का जाम लगा, जिसमें सड़कों पर गाड़ियों का रेला लग गया और सोशल डिस्टेंसिंग तार-तार होती दिखी।
जिला अस्पताल में नहीं हो रहा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
जिला अस्पताल में लोग आते तो हैं मरीज के इलाज के लिए लेकिन खुद को बीमारी से बचाने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ भूल जाते हैं। डॉक्टरों ने अपने केबिन के बाहर एक रस्सी लगवा रखी है, जिससे लोग अंदर न घुसें। एसआईसी डॉ. एसके श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टरों के बार-बार टोकने के बावजूद भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। सोमवार को मरीजों की भीड़ तो बारिश की वजह से कम दिखी, लेकिन जितने भी थे, सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति बेपरवाह थे।