फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

UP News: हर बार सियासी अग्निपरीक्षा में पास हुए शिवप्रताप, राजनीतिक जीवन में कई बार आए उतार-चढ़ाव

Mon, 13 Feb 2023 02:30 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 13 Feb 2023 02:30 PM IST
विज्ञापन
Shiv Pratap shukla passed political ordeal every time
शिव प्रताप शुक्ला। - फोटो : अमर उजाला।

शिवप्रताप शुक्ल के राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 1972 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हुई। करीब 50 वर्ष के अपने सियासी सफर में उन्होंने ढ़ेर सारे उतार-चढ़ाव भी देखे। लेकिन, हर बार सियासी अग्निपरीक्षा में पास होते गए। प्रदेश सरकार में तीन बार मंत्री बने और राज्यसभा सदस्य बनने के बाद केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पद पर भी आसीन हुए। अब हिमालचल प्रदेश का राज्यपाल बनकर संवैधानिक पद को भी संभालंगे।



खजनी के रुद्रपुर निवासी शिवप्रताप शुक्ल का जन्म एक अप्रैल 1952 में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक पढ़ाई खजनी इंटर कॉलेज से की और गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातक और फिर एलएलबी की पढ़ाई की। वर्ष 1968-69 में वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड गए। इसके बाद वे विद्यार्थी राजनीति में कूद पड़े और गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव भी लड़े, लेकिन उन्हें पूर्व विधायक शीतल पांडेय से पराजित होना पड़ा।

 

Shiv Pratap shukla passed political ordeal every time
पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ल को बधाई देने पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला

1981 में भाजयुमो के क्षेत्रीय मंत्री बने। 26 जून 1975 में इमरजेंसी में मीसा के तहत गिरफ्तार हुए। करीब 19 महीने जेल में रहे। इसके बाद भाजपा में सक्रिय हो गए। मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। गोरखपुर से 1989 में कांग्रेस के सुनील शास्त्री को हराकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे। 1989, 1991, 1993 और 1996 में लगातार गोरखपुर से विधायक चुने गए। तीन बार कैबिनेट मंत्री बने।

 

Shiv Pratap shukla passed political ordeal every time
शिव प्रताप शुक्ला। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

वर्ष 2002 के चुनाव में उन्हें भाजपा ने फिर प्रत्याशी बनाया, लेकिन निवर्तमान सांसद (वर्तमान में यूपी के मुख्यमंत्री) ने भाजपा से बगावत कर दी और अखिल भारतीय हिंदू महासभा से डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल को उतार दिया। शिवप्रताप यह चुनाव हार गए। इसके बाद उनके राजनीतिक जीवन पर संकट खड़ा हो गए। हालांकि, इसके बाद शिवप्रताप ने संगठन में सक्रियता दिखाई। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व लंबे समय तक निभाया।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Shiv Pratap shukla passed political ordeal every time
शिव प्रताप शुक्ला। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

14 साल बाद राजनीतिक बनवास खत्म हुआ और वर्ष 2016 में उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया गया। वर्ष 2017 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में जगह दी और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री बनाए गए। वर्ष 2019 तक वे मंत्री रहे फिर इसके बाद राज्यसभा में भाजपा का मुख्य सचेतक चीफ व्हिप बनाया गया।

 

विज्ञापन
Shiv Pratap shukla passed political ordeal every time
शिव प्रताप शुक्ला। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

पिछले साल राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद डा. राधामोहन दास अग्रवाल को पार्टी ने राज्यसभा का सदस्य बनवा दिया। इस वक्त भी शिवप्रताप के राजनीतिक भविष्य पर संकट मंडराने लगा। लेकिन, उन्होंने धैर्य नहीं खोया और अब उन्हें राज्यपाल पद की अहम जिम्मेदारी दी गई है।

कब, किस पद पर रहे
वर्ष            पद
1989         विधायक
1991         विधायक, शिक्षा मंत्री
1993         विधायक, समाज कल्याण, उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण
1996         विधायक, कारागार मंत्री
1998         ग्रामीण विकास मंत्री
2012         भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष
2016         राज्यसभा सदस्य
2017         केंद्रीय वित्तराज्य मंत्री

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed