शिवप्रताप शुक्ल के राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 1972 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हुई। करीब 50 वर्ष के अपने सियासी सफर में उन्होंने ढ़ेर सारे उतार-चढ़ाव भी देखे। लेकिन, हर बार सियासी अग्निपरीक्षा में पास होते गए। प्रदेश सरकार में तीन बार मंत्री बने और राज्यसभा सदस्य बनने के बाद केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पद पर भी आसीन हुए। अब हिमालचल प्रदेश का राज्यपाल बनकर संवैधानिक पद को भी संभालंगे।
UP News: हर बार सियासी अग्निपरीक्षा में पास हुए शिवप्रताप, राजनीतिक जीवन में कई बार आए उतार-चढ़ाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1981 में भाजयुमो के क्षेत्रीय मंत्री बने। 26 जून 1975 में इमरजेंसी में मीसा के तहत गिरफ्तार हुए। करीब 19 महीने जेल में रहे। इसके बाद भाजपा में सक्रिय हो गए। मंदिर आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। गोरखपुर से 1989 में कांग्रेस के सुनील शास्त्री को हराकर पहली बार विधानसभा में पहुंचे। 1989, 1991, 1993 और 1996 में लगातार गोरखपुर से विधायक चुने गए। तीन बार कैबिनेट मंत्री बने।
वर्ष 2002 के चुनाव में उन्हें भाजपा ने फिर प्रत्याशी बनाया, लेकिन निवर्तमान सांसद (वर्तमान में यूपी के मुख्यमंत्री) ने भाजपा से बगावत कर दी और अखिल भारतीय हिंदू महासभा से डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल को उतार दिया। शिवप्रताप यह चुनाव हार गए। इसके बाद उनके राजनीतिक जीवन पर संकट खड़ा हो गए। हालांकि, इसके बाद शिवप्रताप ने संगठन में सक्रियता दिखाई। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व लंबे समय तक निभाया।
14 साल बाद राजनीतिक बनवास खत्म हुआ और वर्ष 2016 में उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया गया। वर्ष 2017 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल में जगह दी और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री बनाए गए। वर्ष 2019 तक वे मंत्री रहे फिर इसके बाद राज्यसभा में भाजपा का मुख्य सचेतक चीफ व्हिप बनाया गया।
पिछले साल राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद डा. राधामोहन दास अग्रवाल को पार्टी ने राज्यसभा का सदस्य बनवा दिया। इस वक्त भी शिवप्रताप के राजनीतिक भविष्य पर संकट मंडराने लगा। लेकिन, उन्होंने धैर्य नहीं खोया और अब उन्हें राज्यपाल पद की अहम जिम्मेदारी दी गई है।
कब, किस पद पर रहे
वर्ष पद
1989 विधायक
1991 विधायक, शिक्षा मंत्री
1993 विधायक, समाज कल्याण, उद्यान व खाद्य प्रसंस्करण
1996 विधायक, कारागार मंत्री
1998 ग्रामीण विकास मंत्री
2012 भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष
2016 राज्यसभा सदस्य
2017 केंद्रीय वित्तराज्य मंत्री