गोरखपुर में दूसरी लहर में जिले में तबाही मचाने कोरोना वायरस के डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट की पुष्टि होने के बाद किसी नए वैरिएंट की दस्तक की आशंका है। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। इसकी पहचान के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबॉयोलॉजी की टीम ने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए छह नमूने आईजीआईबी (इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बॉयोलॉजी) नई दिल्ली को भेजे हैं। इन सभी मरीजों की ट्रेवेल हिस्ट्री है।
जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस के नए वैरिएंट डेल्टा, डेल्टा प्लस, कप्पा की चर्चा जोरों पर हैं। इन नए वैरिएंट के 30 मरीज जिले में मिल भी चुके हैं। इनमें दो मरीज डेल्टा प्लस, 27 डेल्टा और एक कप्पा वैरिएंट से संक्रमित था। इनमें 13 से अधिक मरीजों की मौत भी हुई थी। इस बीच एक बार फिर महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने लगी है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...
2 of 5
कोरोना संक्रमण वैरिएंट।
- फोटो : PTI
ऐसे में शासन के निर्देश पर बाहर से आने वाले मरीजों की कोरोना जांच और जीनोम सीक्वेसिंग कराने का फैसला लिया गया है।
3 of 5
कोरोना का दूसरा रूप।
- फोटो : PTI
इसके तहत छह नए पॉजिटिव मरीजों के नमूने जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजे गए हैं। इन मरीजों में महाराष्ट्र और केरल से आने वाले भी शामिल हैं।
4 of 5
कोरोना जांच करता स्वास्थ्य कर्मी।
- फोटो : PTI
अब तक कुल 81 नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि जिन लोगों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं वे गंभीर श्रेणी के मरीजों के हैं। इनकी सीटी वैल्यू 25 से कम है।
5 of 5
कोरोना वैक्सीन
- फोटो : पीटीआई
बताया कि अब तक 81 नमूनों को जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजा जा चुका है। इनमें केवल 30 की रिपोर्ट आई है। दो नमूने पहले ही खराब हो चुके हैं। कुल 49 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है।