गोरखपुर जिला पंचायत के गठन की औपचारिकता भी सोमवार को पूरी हो गई। एनेक्सी भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में पहले जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह फिर सदस्यों ने पद एवं गोपनियता की शपथ ली। इसके बाद पहली बोर्ड बैठक भी हुई जिसके साथ ही नई जिला पंचायत के पांच साल का सफर शुरू हो गया। हालांकि बैठक औपचारिक ही रही। किसी भी मसले पर चर्चा नहीं हुई और न ही किसी सदस्य ने कोई प्रस्ताव ही रखा। सभी ने दस्तखत किए जिसके बाद बैठक पूरी मान ली गई। जल्द ही अगली बैठक होने की उम्मीद है।
तस्वीरें: जानिए कौन है वो महिला, जिसके कंधों पर है गोरखपुर का भार, दबंग अंदाज में संभाली जिम्मेदारी
इस बैठक में किसी बिन्दु पर चर्चा नहीं हुई। सदस्यों ने बैठक रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए और बैठक पूरी मान ली गई। किसी भी सदस्य की तरफ से कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया। जिला पंचायत में हर वर्ष करीब 50 से 52 करोड़ रुपये का बजट आता है।
बैठक में लगातार दूसरी बार चुनकर आए जिला पंचायत सदस्य मायाशंकर शुक्ला, सदस्य मनोज शुक्ला आदि ने विकास कार्यों में सहयोग का भरोसा दिया। कार्यक्रम में कैंपियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी एके सिंह आदि उपस्थित रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की पुत्रवधु एवं कैंपियरगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक फतेह बहादुर सिंह की पत्नी साधना सिंह निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनी हैं। वह इससे पहले भी एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। यही नहीं गोरखपुर जिला पंचायत के गठन के बाद से ही इसकी कमान आधी आबादी के हाथ में ही रही है।
शोभा साहनी पहली जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। इसके बाद सुभावती पासवान, चिंता यादव, साधना सिंह और गीतांजलि यादव जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। साधना सिंह के हाथ में फिर एक बार जिला पंचायत की कमान मिली है।