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कोरोना अलर्ट: दूसरे राज्यों से आए लोगों में मिल रहा संक्रमण, विशेषज्ञ बोले- यही हाल रहे तो फिर बढ़ेगा कोरोना का प्रकोप
Mon, 12 Jul 2021 10:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 10:40 AM IST
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गोरखपुर रेलवे स्टेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों में कोरोना संक्रमण मिलने से विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार को मिले चार संक्रमितों में दो की ट्रैवेल हिस्ट्री है। इसमें एक पुणे और दूसरा मध्य प्रदेश से आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसी तरह बाहर से आने वाले लोगों में संक्रमण मिलता है तो फिर से जिले में कोरोना का प्रकोप बढ़ सकता है।
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
जहां से ये मरीज आए थे, वहां पर भी डेल्टा प्लस वैरिएंट के मरीज काफी संख्या में मिल चुके हैं। यह भारत का अब तक का सबसे खतरनाक वैरिएंट माना गया है। इस वैरिएंट के मरीज जिले में भी मिल चुके हैं। इनमें एक मरीज की मौत चुकी है और एक मरीज स्वस्थ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसी तरह बाहर से आने वाले लोगों में संक्रमण मिलता रहा तो फिर से कोरोना का खतरा बढ़ेगा। क्योंकि, यहे लोग लंबी यात्रा करके आ रहे हैं और शहर में भी कई लोगों के संपर्क में जरूर आए होंगे।
डॉ. अमरेश सिंह
- फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि पिछले 10 दिनों की बात करें तो जो मरीज संक्रमित मिले हैं, उनमें से कइयों की अन्य प्रदेशों की ट्रैवेल हिस्ट्री है। यह बेहद चिंता का विषय है। क्योंकि लोग मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कर रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
ऐसी स्थिति में बाहर से आने वाले लोग दूसरों के संपर्क में जरूर आएंगे। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ने का सबसे अधिक डर है। बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट की संक्रमण दर सबसे अधिक है। अगर इन मरीजों में यह वैरिएंट मिलता है तो स्थिति ज्यादा खतरनाक होगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला।
दो मरीजों को कोई बीमारी नहीं थी, हो गई संक्रमण से मौत
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में पिछले तीन दिनों के अंदर चार मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें आठ जुलाई और नौ जुलाई को मरने वाले मरीजों को हाइपर टेंशन और शुगर की बीमारी थी, जिसकी वजह से उनकी जान गई है। चिंता की बात यह है कि 10 जुलाई को मरने वाले दोनों मरीजों को कोई बीमारी नहीं थी। उनकी मौत केवल संक्रमण की वजह से हुई है। इसमें एक की उम्र 34 साल थी, जो पुणे का रहने वाला था। संक्रमण का असर उसके शरीर में इतना तेजी से हुआ कि दो दिनों के अंदर उसकी जान चली गई। जबकि, दूसरा मरीज 90 साल का बुजुर्ग था। वह बिहार का रहने वाला था।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में पिछले तीन दिनों के अंदर चार मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें आठ जुलाई और नौ जुलाई को मरने वाले मरीजों को हाइपर टेंशन और शुगर की बीमारी थी, जिसकी वजह से उनकी जान गई है। चिंता की बात यह है कि 10 जुलाई को मरने वाले दोनों मरीजों को कोई बीमारी नहीं थी। उनकी मौत केवल संक्रमण की वजह से हुई है। इसमें एक की उम्र 34 साल थी, जो पुणे का रहने वाला था। संक्रमण का असर उसके शरीर में इतना तेजी से हुआ कि दो दिनों के अंदर उसकी जान चली गई। जबकि, दूसरा मरीज 90 साल का बुजुर्ग था। वह बिहार का रहने वाला था।