शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान गोरखपुर में अगले दो-तीन दिनों में कानपुर से एक और दरियाई घोड़ा (विष्णु) को लाया जाएगा। प्राणि उद्यान में कुछ दिनों पूर्व कानपुर प्राणि उद्यान से मादा दरियाई घोड़ा (लक्ष्मी) आ चुकी है। ढाई हजार किलो के वजन वाले 'विष्णु' के लिए प्राणि उद्यान में पिंजरा लगा दिया गया है।
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दरियाई घोड़ा। (लक्ष्मी)
- फोटो : अमर उजाला।
इससे पहले मादा दरियाई घोड़ा लक्ष्मी के पिंजरे में आने से उसे गोरखपुर ला दिया गया था। अभी कानपुर में उसका बच्चा (जय) भी है। कानपुर प्राणि उद्यान के सहायक निदेशक अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि जोड़े में एक नर व एक मादा को ले जाने की इजाजत सेंट्रल जू अथॉरिटी से मिल चुकी है।
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दरियाई घोड़ा
- फोटो : अमर उजाला।
अथॉरिटी से नर विष्णु व मादा लक्ष्मी को लाए जाने की अनुमति मांगी गई थी। स्वीकृति मिलने के बाद उन्हें लाने का इंतजाम किया जाना शुरू हुआ। प्राणि उद्यान कानपुर ने दोनों को पिंजरे में बंद करने का इंतजाम किया था। लेकिन मादा दरियाई घोड़े को पिंजरे में बंद होता विष्णु ने पिंजरे से दूरी बना ली थी। इस वजह से वह पिंजरे में नहीं लाया जा सका।
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दरियाई घोड़ा
- फोटो : अमर उजाला।
बताया गया कि इधर मां लक्ष्मी के जाने के बाद उसके तीन वर्ष के बच्चे जय के साथ दिनभर प्राणि उद्यान में खेलते देखे जा सकते हैं। जय की देखभाल प्राणि उद्यान ही करेगा। इसके अलावा सेंट्रल जू अथॉरिटी के निर्देशानुसार आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : शिव हर्ष द्विवेदी।
उप प्रभागीय वन अधिकारी गोरखपुर चिड़ियाघर संजय कुमार मल्ल ने बताया कि कानपुर से नर दरियाई घोड़ा लाया जाना है। इसकी तैयारी कर ली गई है। कानपुर प्राणि उद्यान से अभी चार घड़ियाल और लाए जाएंगे। फिलहाल एक लाया गया है।