मोहद्दीपुर जंगल कौड़िया फोरलेन निर्माण में बाधक बनी दुकाने और मकानों को तोड़ने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान काफी संख्या में लोगों ने खुद ही अपनी दुकानें और मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। बता दें कि गोरखनाथ थाने की दीवारों को भी ध्वस्त कर दिया गया है।
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Gorakhnath Road
- फोटो : अमर उजाला।
मंदिर प्रशासन ने जब अपनी दुकानें तुड़वानी शुरू की तो अन्य लोगों को भी थोड़े दिन की मोहलत दे दी गई। दुकानों को तोड़ने का सिलसिला शुरू हुआ तो लगातार जारी है। मंगलवार को भारी संख्या में पुलिस बल लगाकर आवागमन रोक दिया गया।
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Gorakhnath Road
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एक तरफ जेसीबी और पोकलेन मशीन लगाकर दुकानें तोड़ी जा रही है तो दूसरी तरफ खुद लोग अपनी दुकानें खुद ही तोड़ते रहे। मंदिर के पूरब तरफ गोरखनाथ चिकित्सालय से लेकर गोरखनाथ थाने तक की दुकानों व मकानों को तोड़ने के लिए 3 दिन का समय दिया गया है। यह समयसीमा बुधवार को खत्म होने वाली है।
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ईंट और सरिया निकालने में व्यस्त रहे कई लोग
जेसीबी और बुलडोजर के द्वारा दुकानों और मकानों को तोड़े जाने के बाद कई लोग मलबे से ईंट और सरिया निकालने में व्यस्त रहे। इसके अलावा जो व्यक्ति खुद अपने मकान या दुकान तोड़ रहे थे वह भी मलबे से निकलने वाले ईट और सरिया का बेहतर इस्तेमाल लायक बनाने की कोशिश में लगे रहे।
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- फोटो : अमर उजाला।
एनएचके सहायक अभियंता बीएन यादव ने बताया कि बहुत तेजी से दुकानों को तोड़ने का काम किया जा रहा है। साथ ही जो लोग अब तक अपना मकान या दुकान खाली नहीं कर सके हैं उन्हें जल्द से जल्द इन्हें खाली करने का निर्देश भी दिया गया है। साथ ही इसके लिए समय सीमा भी तय कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर काम युद्धस्तर पर चल रहा है। ध्वस्तीकरण के साथ ही रास्ता साफ करने का काम किया जा रहा है।