गोरखपुर में सूबे के पहले आयुष विश्वविद्यालय की आधारशिला व शिलान्यास समारोह के दौरान, पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजता रहा। समारोह का गवाह बनने के लिए लोगों में गजब का उत्साह दिखाई पड़ा। कार्यक्रम शुरू होने के करीब चार घंटे पहले सात बजे से ही मेडिकल कॉलेज रोड से भटहट होते हुए पिपरी जाने वालों का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह राष्ट्रपति के आगमन के बाद भी जारी रहा।
राष्ट्रपति का गोरखपुर दौरा: जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजता रहा पंडाल, बारिश भी नहीं डिगा सकी हौसला
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भूमि पूजन और आधारशिला के बाद जब सुबह 11.40 बजे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, देश की प्रथम महिला सविता कोविंद के साथ मंच पर पहुंचे तो जनसमूह ने तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया। उधर बैकग्राउंड में शंख और घंटों की ध्वनियां गूंजती रहीं। पंडाल में मौजूद जनसमूह, अनुशासन के साथ राष्ट्रगान में शामिल हुआ।
आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी के स्वागत भाषण के बाद जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन शुरू हुआ तो तालियों की गड़गड़ाहट और जय श्रीराम के उदेघोष से आस-पास का वातावरण गूंज उठा। राष्ट्रपति को सुनने के लिए गोरखपुर के साथ ही महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, आंबेडकर नगर, मऊ, गोंडा समेत कई जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
वीआईपी दीर्घा में जाने के लिए नोकझोंक
वीआईपी दीर्घा में बैठने के लिए कई भाजपा नेताओं की सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। कुछ ने तो खुद को पूर्व विधायक बताकर एंट्री हासिल कर ली तो कुछ ने जनप्रतिनिधियों से फोन कर पैरवी भी कराई।
स्टैंडी को बना लिया छाता
जनसभा समाप्त होने के बाद बारिश से बचने के लिए कई ग्रामीणों ने पंडाल में लगे राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अभिवादन वाली स्टैंडी को छाते के विकल्प के तौर पर उठा लिया और सिर पर रख घरों के लिए रवाना हो गए।
रोडवेज बसों से पहुंचे लोग
जनसभा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग रोडवेज बसों से भी पहुंचे। लोगों की सहूलियत के लिए जिला प्रशासन की तरफ से ये बसें विभिन्न ब्लॉकों में भेजी गईं थी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को हमेशा टीवी पर देखते थे। आज सामने से देखने का मौका मिला। जितना उनके बारे में सुना था, वे उतने ही सरल हैं। -इंद्रावती, पिपरी
आयुर्वेद, होम्योपैथ जैसी विभिन्न विधाओं में पढ़ाई के लिए अब गोरखपुर एवं उसके आस-पास के युवाओं को अपना घर छोड़कर बाहर नहीं जाना पड़ेगा। - बिंदु, गोरखपुर
हम तो राष्ट्रपति को देखने आए थे। कभी सोचा नहीं था कि शहर की चकाचौंध से दूर गांव के खेतों के बीच उन्हें देखने और सुनने का मौका मिलेगा। यादगार लम्हा है।- केदारनाथ सिंह, अमवा टोला बगहवां
योगी आदित्यनाथ जबसे मुख्यमंत्री हुए हैं, गोरखपुर समेत पूरे प्रदेश का भाग्य जाग गया है। वे हमेशा सूबे के विकास के बारे में ही सोचते रहते हैं। इतना काम पहले किसी ने नहीं कराया। - पूजा, अंबेडकरनगर
आयुष विश्वविद्यालय के बनने के बाद विकास से पिछड़े पिपरी ही नहीं पूरे भटहट और उसके आस-पास के इलाकों की सूरत बदल जाएगी। मुख्यमंत्री हर तबके के लिए फिक्रमंद रहते हैं।- शबाना, सहजनवां
मुख्यमंत्री ने जिले के विकास के लिए बहुत कुछ किया। उनकी ही पहल पर एम्स और खाद कारखाने का सपना साकार हुआ। आज आयुष विश्वविद्यालय की भी नींव पड़ गई।- मनीषा अग्रहरी, तारामंडल रोड।