गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां शादी के बाद ससुराल पहुंची युवती ने पति नहीं प्रेमी संग रहने की इच्छा जताई तो मायके और ससुराल में बवाल मच गया। माता-पिता ने बेटी पर बहुत दबाव डाला लेकिन कोशिश नाकाम रही। प्रेमी संग जीवन गुजारने को अड़ी नवविवाहिता ने वन स्टॉप सेंटर और पुलिस से मदद मांगी। पत्नी की जिद देखते हुए पति ने उसे अपने प्रेमी के साथ जाने की इजाजत दे दी। पुलिस और वन स्टॉप सेंटर प्रबंधक की मौजूदगी में प्रेमी जोड़े ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर विवाह किया।
गोरखपुर: नई दुल्हन ने पति संग रहने से किया इनकार, बोली- प्रेमी के साथ बितानी है जिंदगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्होंने युवती को फोन पर ही सांत्वना दी और परिजनों से बात कर हल निकाले जाने का आश्वासन दिया। बुलाए जाने के बावजूद न तो माता-पिता वन स्टॉप सेंटर पहुंचे और न ही खुशी को जाने दिया।
जबरन कर दिया विवाह
खुशी ने नौ दिसंबर को वन स्टॉप सेंटर पर फोन कर बताया कि माता पिता ने जबरन उसका विवाह दूसरे लड़के से कर दिया है और वह ससुराल में है। यदि उसे ससुराल से नहीं निकाला गया तो वह कुछ भी कर सकती है। पूजा पांडेय ने तुरंत ही गगहा थाना इंचार्ज को फोन कर युवती की मदद करने का अनुरोध किया।
आनन फानन ससुराल पहुंच कर पुलिस ने नव विवाहिता को संरक्षण में लेकर वन स्टॉप सेंटर पहुंचाया। इसके बाद खुशी के माता पिता को थाने पर बुलाकर समझाने का प्रयास किया गया लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। इधर वन स्टॉप सेंटर में युवती प्रेमी संग जाने अन्यथा जान दे देने की जिद पर अड़ी थी।
एडीएम के दरबार से निकली राह
मामला तत्कालीन एडीएम के यहां पहुंचा। खुशी ने एडीएम के सामने बयान कलमबंद कराया कि वह बालिग है और प्रेमी संग रहना चाहती है। एडीएम ने खुशी के माता-पिता और उसके प्रेमी को भी तलब किया। माता-पिता ने दूसरे विवाह का विरोध किया लेकिन प्रेमी ने खुशी संग रहना और उसकी सुरक्षा का लिखित संकल्प लिया। एडीएम ने फैसला दिया कि क्योंकि खुशी बालिग है इसलिए वह स्वेच्छा से जिसके साथ रहना चाहती है रह सकती है। इधर पहले पति ने भी खुशी को उसके प्रेमी संग जाने की इजाजत दे दी।
वन स्टॉप सेंटर में हुआ विवाह
सेंटर प्रबंधक पूजा पांडेय बताती हैं कि एडीएम कोर्ट के निर्णय के बाद खुशी को वन स्टॉप सेंटर में पनाह दी गई। यहीं 16 दिसंबर 2020 को खुशी और उसके प्रेमी का विवाह कराया गया। एडीएम सहित सेंटर के कर्मचारियों ने दोनों के उज्जवल भविष्य की कामना की।