उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में हुई हैवाहिनत से पूरा जिला दहल उठा है। सात साल की मासूम बिटिया के साथ हुई दरिदंगी ने उसकी मां को बेसुध कर दिया है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड की गैलरी में बैठी बिटिया की मां को कुछ भी होश नहीं है। उसकी आंखों से निकल रहे आंसू उसे अंदर से तोड़ रहे हैं। जुबां से केवल एक ही शब्द निकल रहा था कि बिटिया ने बिगाड़ा क्या था, जो ऐसी हैवनियत कर दी।
बेटी के साथ हुई हैवानियत से बेसुध पड़ा परिवार, पिता बोले- 'पता होता तो हैवानों की ले लेता जान'
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वहीं पिता के अदंर गुस्से का उबार भरा हुआ है। पिता ने बेटी की ऐसी हालत देखकर कहा कि ऐसे हैवानों की जान ले लेता लेकिन मजबूर हूं। क्योंकि बेटी का बाप हूं। हां, इतना जरूर है कि बिटिया को न्याय दिलाऊंगा जरूर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बिटिया के इलाज में हुई लापरवाही से परिवार टूट सा गया है। लेकिन आंखों में आंसू और दिल में गुस्से का उबार उन्हें टिकाएं रखा है। बिटियां की मां से बात करने की कोशिश की गई तो वह कुछ भी कहने से परहेज करती रहीं। पति और अपने 11 साल के बेटे के कंधों पर सहारा लेकर केवल उनकी आंखों से आंसू निकल रहे थे।
दिल और दिमाग में उन हैवानों के प्रति घृणा इतनी थी कि अगर सामने होते तो उनकी जान ले लेती। लेकिन मजबूर थी। केवल अब बिटिया को ठीक होकर पैरों पर खड़ा देखना चाहती हैं। कुछ ऐसी ही कहानी बिटिया के पिता की थी। उन्हें यह पता नहीं था कि घर से निकली बेटी के साथ ऐसी हैवनियत होगी। बोलते-बोलते फफक पड़ते हैं और कहते हैं कि अगर पता होता तो उन हैवान दरिंदों की जान ले लेता।
गांव के एक व्यक्ति ने अनजान युवक को दिया था लिफ्ट
मासूम के पिता ने बताया कि गांव का एक व्यक्ति ने एक अनजान युवक को लिफ्ट दिया था। घटना से पहले उस युवक को मैंने देखा था। जब बेटी ने हुलिया बताना शुरू किया तो वह युवक उसी तरह से निकला। बिटिया ने बताया कि लंबे बाल, लंबा व्यक्ति, पैरों में चप्पल और साल ओढ़े हुए थे। इसके बाद उसे कुछ याद नहीं है।
तीन बहनें और दो भाई
मासूम अपने घर में सबसे छोटी है। यही वजह है कि वह सबसे लाडली है। तीन बहनों और दो भाई में छोटी होने के कारण पूरा परिवार खूब प्यार देता है। पढ़ाई में रूचि होने की वजह से पिता ने उसे अपने साले के यहां पढ़ने के लिए भी भेज दिया था।