बंगाली समुदाय द्वारा शहर में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के समक्ष सोमवार को महिलाओं ने सिंदूर खेल माता से सुहाग की लंबी उम्र मांगी। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
धूमधाम से भक्तों ने मां दुर्गा की प्रतिमा का किया विसर्जन, तस्वीरों में देखें महिलाओं ने कैसे खेला सिंदूर
दुर्गाबाड़ी परिसर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा पर बंगाली समाज की महिलाएं पहुंची और माता को सिंदूर लगा कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाया। इसी क्रम में एनई रेलवे बालक इंटर कॉलेज में भी सिंदूर खेला की परंपरा का निर्वहन किया गया।
बंगाली समिति के सचिव अभिषेक चटर्जी ने बताया कि बंगाल परंपरा में दशमी के दिन दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन से पहले महिलाएं सिंदूर खेलती हैं। मान्यता है कि दुर्गा पूजा के समय मां दुर्गा 10 दिन के लिए अपने मायके आती हैं ऐसे में लोग जगह-जगह पंडाल लगाकर माता की पूजा-अर्चना कर उनकी सेवा करते हैं।
बताया कि दसवें दिन उन्हें महिलाएं सिंदूर लगाकर ससुराल के लिए विदा करती हैं। इस दिन शादीशुदा महिलाओं के सिंदूर खेलने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि इससे उनके सुहाग की आयु लंबी होती है। इस परंपरा के निर्वहन के लिए मां दुर्गा को विसर्जन के पहले उन्हें पूरी तरह से सजाया जाता है उनकी गोद भरी जाती है और सिंदूर लगाया जाता है। उसके बाद भक्त उन्हें विसर्जन के लिए ले जाते हैं।