राप्ती नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से एक मीटर सात सेंटीमीटर ऊपर है। इसी का नतीजा है कि शहरी क्षेत्र के अघोरपीठ सहित तमाम इलाकों में पानी भर गया है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, राप्ती नदी का जलस्तर स्थिर है। कुछ समय तक जलस्तर स्थिर रहा तो इसमें गिरावट आ सकती है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
केंद्रीय जल आयोग से मिले आंकड़े के मुताबिक, राप्ती नदी को छोड़कर प्रमुख नदियों का जलस्तर गिर रहा है। राप्ती नदी का जलस्तर अभी भी चुनौती बना हुआ है।
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गोरखपुर में बाढ़।
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गोरखपुर सदर, सहजनवां, कैंपियरगंज और गोला तहसील क्षेत्र के कई तटबंधों पर जबरदस्त दबाव है। अलग-अलग नदियों पर स्थापित 88 बाढ़ चौकियों के जरिए निगरानी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार दौरा कर बंधों का हाल जान रहे हैं।
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गोरखपुर में बाढ़।
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सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय का कहना है कि राप्ती और घाघरा नदी के सभी तटबंध सुरक्षित हैं। सिंचाई विभाग के सहायक एवं अवर अभियंता तटबंधों पर ड्यूटी कर रहे हैं। संवेदनशील स्थानों पर बाढ़ बचाव के इंतजाम हैं। हर स्थिति से निपटने की तैयारी है। फिलहाल कहीं कोई खतरा नहीं है।
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गोरखपुर में बाढ़।
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नदियों का जलस्तर मीटर में...
- घाघरा नदी (अयोध्या) सुबह 92.490 शाम 92.480
- घाघरा नदी (तुर्तीपार) सुबह 64.570 शाम 64.480
- राप्ती नदी (बर्डघाट) सुबह व शाम 76.070 स्थिर
- कुआनो नदी ( मुखलिसपुर) सुबह 77.940 शाम 77.920
- रोहिन नदी (तिरमुहानी घाट) सुबह 82.880 शाम 82.740
- बड़ी गंडक (बाल्मीकि नगर बैराज) सुबह 107.620 शाम 107.530