बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने एक बार फिर मारपीट की है। आरोप है कि मंगलवार देर रात 2:00 बजे के करीब करोना जांच के नाम पर सर्जरी विभाग की एक महिला जूनियर डॉक्टर दो अन्य डॉक्टरों के साथ जांच कराने पहुंची थी। सैंपल लेने का दबाव बनाने लगी। मना करने पर अन्य जूनियर डॉक्टरों को बुलाकर लैब टेक्नीशियन से मारपीट की। साथ ही लैब में भी तोड़ फोड़ किया। नाराज लैब टेक्नीशियनों ने बुधवार की सुबह काम ठप करते हुए डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। अंत में गुलहरिया थाना ने तीन नामजद डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
जूनियर डॉक्टरों ने लैब टेक्नीशियन को पीटा, तस्वीरों में देखें कैसे की लैब में तोड़फोड़
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जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज के न्यू ओपीडी 26 नंबर ब्लॉक में एक सर्जरी विभाग की महिला डॉक्टर दो जूनियर डॉक्टरों के साथ कोरोना जांच कराने पहुंची थी। आरोप है लैब टेक्नीशियन विनोद यादव पर कोरोना जांच के नाम पर सैंपल लेने का दबाव बनाने लगी। इस बीच एक अन्य लैब टेक्नीशियन वीरेंद्र कुमार मौर्या पहुंच गए।
उन्होंने समझाया कि यहां सैंपल नहीं लिया जाता। सुपर स्पेशिलटी ब्लॉक में जाइए। इतने पर जूनियर डॉक्टर आक्रोशित हो गए। विरोध पर गाली भी दी। इसके साथ ही हॉस्टल से अन्य जूनियर डॉक्टरों को बुला ली। जूनियर डॉक्टरों ने आते ही बुरी तरह मारा पीटा। साथ ही मोबाइल भी तोड़ दिया। घटना के दौरान ही लैब टेक्नीशियन करुणानिधि और अखिलेश भी आ गए। मारपीट के बाद डॉक्टर मौके से भागकर हॉस्टल में चले गए।
धरना पर बैठे, 13 घंटे काम काज रहा ठप
लैब टेक्नीशियन वीरेंद्र कुमार आर्या के साथ हुई मारपीट की घटना की जानकारी बुधवार की सुबह अन्य लैब टेक्नीशियनों को हुई वह विरोध में काम काज ठप करते हुए प्राचार्य कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। साथ जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही पूरी तरह से 13 घंटे तक काम काज भी ठप रहा। धरने पर बैठेने की वजह से माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कोरोना जांच भी बंद रही।
एडीएम सिटी और सीओ पहुंची तब जाकर दर्ज हुआ मुकदमा
धरने की सूचना पर एडीएम सिटी आरके श्रीवास्तव, चौरी-चौरा सीओ रचना मिश्रा, गुलहरिया एसओ रवि राय मौके पर पहुंचे। इसके बाद काफी देर तक टेक्नीशियनों को समझाया,लेकिन वह मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहें। अंत में लैब टेक्नीशियन वीरेंद्र कुमार मौर्या की तहरीर पर सर्जरी विभाग की सीनियर डॉक्टर जूली, जूनियर डॉक्टर अमरेश, डॉ सुचिन एवं 10 अन्य एमबीबीएस छात्रों के खिलाफ 147, 323, 427 आईपीसी की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।