कोरोना वायरस का कहर गोरखपुर में मंडल में बढ़ता ही जा रहा है। प्रवासी मजदूर लगातार शहर में आ रहे हैं। इनकी सुविधा को लेकर गोरखपुर की एक महिला अफसर 24 घंटे काम पर लगी हुई हैं। यह गोरखपुर की मुख्य विकास अधिकारी पद पर तैनात हैं और इनका नाम हर्षिता माथुर है।
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हर्षिता माथुर।
- फोटो : अमर उजाला
हर्षिता माथुर ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए कई पहल कर चुकी हैं। बाहर से आए लोगों को क्वारंटीन करवाना, उनके खाने की व्यवस्था व जांच की व्यवस्था आदि सभी काम को बड़ी बखूबी कर रही हैं। लॉकडाउन के शुरुआत में इन्होंने 14 हजार से अधिक लोगों तक स्वच्छता किट पहुंचाया है।
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IAS Harshita mathur
- फोटो : फेसबुक
हर्षिता प्रमुख रूप से जिले के मुसहर और वनटांगिया गांवों पर फोकस कर रही हैं। उन्हें कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए घर-घर जाकर जागरूक कर रही हैं। इस संकट की घड़ी में इनके द्वारा किया गया कार्य लोगों को अपना मुरीद बना रहा है।
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IAS Harshita mathur
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हर्षिता यह सुनिश्चित करती हैं कि गरीब लोगों को समय से राशन और अन्य जरूरी सेवाएं मिलती रहें। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत पहुंचाने के लिए बनने वाली हर योजनाओं में डीएम को महत्वपूर्ण इनपुट उपलब्ध कराकर उनका सहयोग करती हैं।
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IAS Harshita mathur
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सख्ती के लिए जानी जाती हैं हर्षिता
मनरेगा मजदूरों, वृद्धा एवं निराश्रितों को समय से पेंशन दिलाने के साथ ही इस पर भी नजर रख रही हैं कि कोई इन गरीबों की पेंशन और मजदूरी पर डाका न डाल सके। हाल ही में चिलुआताल थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रधान ने कई मनरेगा मजदूरों की मजदूरी पर डाका डालने का प्रयास किया था जिस पर प्रधान पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दूसरी पंचायतों में प्रशासनिक सख्ती का संदेश दिया।