मुंबई, दिल्ली और अन्य शहरों से लौटे प्रवासियों ने खुद के साथ परिवार की मुसीबत बढ़ा दी हैं। थोड़ी सी लापरवाही के कारण अपनों के बीच कोरोना बांट दिया है। खुद तो संक्रमित हुए ही साथ ही परिजनों और रिश्तेदारों को भी संक्रमित कर दिया है। हाल में हुए मामले यह तस्दीक करते हैं कि यह वायरस कितना खतरनाक है। ऐसे में अगर जरा सी सावधानी अपनाई गई होती तो एक साल का मासूम और दस साल का बच्चा कोरोना का शिकार नहीं होता। डॉक्टर अभी भी सलाह दे रहे हैं कि अगर कोई होम क्वारंटीन हो रहा है, तो अपनों से कम से कम 21 दिनों के लिए दूरी बना ले। यहीं दूरी अपनों को स्वस्थ्य रखेगी। वरना ऐसे ही लोग कोरोना का शिकार होते जाएंगे।
अपनों की लापरवाही ने गोरखपुर वासियों को दिया कोरोना, यहां मौजूद हैं सारे आंकड़े
केस-1
पिपराइच के उसका का रहने वाला एक व्यक्ति मुंबई से लौटा और घर पर ही होम क्वारंटीन किया गए। 24 मई को नमूना को उसकी रिपोर्ट पाॅजिटिव आई। इसके बाद परिजनों का सैंपल लिया गया तो घर के छह सदस्य 28 मई को कोरोना पॉजिटिव निकले। इनकी उम्र (20, 17, 36, 43, 20, 39) है। इनका इलाज मौजूदा समय में चल रहा है।
केस दो
बड़हलगंज के डुमरी टोला के रामनगर के रहने वाला एक व्यक्ति मुंबई से आया। 24 को वह कोरोना पॉजिटिव निकला। इस बीच उसके परिजनों का सैंपल 27 मई को लिया गया। 28 को उसकी 20 साल की बहन और नौ साल की भतीजी कोरोना पॉजिटिव निकली।
केस तीन
बड़हलगंज के चैनपुर का रहने वाला एक शख्स 23 मई को मुंबई से आया था। होम क्वारंटीन किया गया। 26 को वह कोरोना पॉजिटिव निकला। इसके बाद उसके अन्य सदस्यों का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया तो परिवार के नौ सदस्य संक्रमित निकले। इनमें एक साल का मासूम और 10 साल का एक बच्चा भी शामिल है।
केस चार
झरना टोला का रहने वाला युवक 14 मई को मुंबई से आया था। वह अपने घर गया। इसके बाद उसे डेंटल कॉलेज में क्वारंटीन कराया गया। रिपोर्ट 16 को पॉजिटिव आई। इसके बाद उसके संपर्क में आने वालों की तलाश शुरू की गई और नमूना लिया गया तो उसका किरायेदार कोरोना पॉजिटिव निकला।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने कहा सामाजिक दूरी का पालन बेहद जरूरी है। साथ ही मास्क का इस्तेमाल लोग हमेशा करें। होम क्वारंटीन रहने के दौरान सैनिटाइजर या फिर हाथों को बार-बार साबुन से धुलते रहे। इससे संक्रमण का खतरा बेहद कम होगा।