गोरखपुर में पंचायत चुनाव के विभिन्न पदों के प्रत्याशियों व उनके एजेंट की कोविड जांच के लिए जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गुरुवार को रेला उमड़ पड़ा। इससे ज्यादातर स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्था ही चरमरा गई। पाली में किट के अभाव में सुबह से जांच शुरू न हो सकी। इससे नाराज प्रत्याशियों व उनके समर्थकों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
तस्वीरें: कोविड जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर उमड़ा रेला, धक्का-मुक्की, प्रदर्शन, बुलानी पड़ी पुलिस
सरदारनगर, बड़हलगंज और कैंपियरगंज में भी किट न होने से जांच नहीं हो पाई। कुछ केंद्रों पर दोपहर तीन बजे तक ही किट खत्म हो गई। कई प्रत्याशियों-एजेंटों को निराश लौटना पड़ा। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह ही इतनी भीड़ जुट गई कि स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को घबराकर पुलिस बुलानी पड़ी। स्थिति यह रही कि जो स्वस्थ थे, भीड़ की वजह से उनके भी संक्रमित होने का खतरा बन गया है। शुक्रवार और शनिवार को भी जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर यही नजारा दिखाई पड़ने की उम्मीद है।
दरअसल मतगणना स्थल को कोरोना संक्रमण से मुक्त रखने के लिए प्रशासन ने पंचायत चुनाव के सभी पदों के प्रत्याशियों व उनके एजेंट की कोरोना जांच रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है। यह भी शर्त है कि जांच रिपोर्ट मतगणना वाले दिन के 72 घंटे पूर्व की ही हो, वर्ना मतगणना स्थल पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। गुरुवार से 72 घंटे का काउंटडाउन शुरू हो गया। इसकी वजह से सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह से ही जांच कराने के लिए भीड़ उमड़ने लगी।
जिले में ग्राम पंचायत सदस्य पद के 6893, प्रधान के 8822, क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के 8175 और जिला पंचायत सदस्य पद के 869 उम्मीदवार हैं। यानी कुल 24759 प्रत्याशी। यदि सभी के एक-एक एजेंट हुए तो भी यह संख्या 50 हजार हो गई है। ऐसे में पहले ही इसका अंदेशा जताया गया था कि इतनी बड़ी संख्या में लोग तीन दिनों के तय समय में जांच कराएंगे तो स्थिति असामान्य हो जाएगी। मगर, प्रशासन ने इसपर गौर नहीं किया।
पाली ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठर्रापार में सुबह 10 बजे ही सैकड़ों प्रत्याशी व उनके एजेंट जांच कराने के लिए पहुंच गए। दो घंटे कतार में लगने के बाद स्वास्थ्य केंद्र की दीवार पर अस्पताल में कोविड जांच किट न होने की बात चस्पा कर दी गई। इसे देखकर प्रत्याशियों का गुस्सा फूट गया। स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. सीपी मिश्रा के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई और लोग प्रदर्शन करने लगे। बाद में पुलिस आने पर किसी तरह प्रदर्शन खत्म हुआ। अधीक्षक का कहना था कि कोरोना जांच किट समाप्त हो जाने के कारण जांच नहीं हो पा रही। जांच किट के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है।