लॉकडाउन के बीच चैत्र पूर्णिमा पर बुधवार को हनुमान जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। श्रद्धालु मंदिर न जाकर घरों में महाबली हनुमान की पूजा कर उनसे कोरोना से लड़ने की शक्ति मांग मांगी । वहीं मंदिरों में पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इन दिनों आनंद नामक महा औदायिक योग भी बन रहा है, जो मंगलकारी सिद्ध होगा।
Hanuman Jayanti: तस्वीरों में देखें गोरखपुर में ऐसे मनाई गई हनुमान जयंती, लोगों ने मांगी ये खास मन्नत
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चैत्र पूर्णिमा को ही हनुमान जयंती मनाई जाती है। इस बार बुधवार की सुबह 8.20 से चैत्र पूर्णिमा शुरू हुई। शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जयंती वर्ष में दो बार मनाई जाती है। पहली बार इसे चैत्र मास की शुक्ल पूर्णिमा के दिन और दूसरी कार्तिक मास की कृष्ण चतुर्दशी को मनाई जाती है। इस दिन भगवान राम-सीता और लक्ष्मण के साथ उनकी पूजा करना विशेष फलदायी होता है।
ये करना है विशेष फलदायी
ज्योतिष पं. देवेंद्र प्रताप मिश्र ने बताया कि हनुमान जयंती के दिन रामायण और राम रक्षास्रोत का पाठ करने से मन को शांति मिलती है। हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। ऐसा करने से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यापार में घाटा होने पर हनुमानजी को चोला चढ़ाने से फायदा मिलता है। हनुमान जयंती के दिन किसी हनुमान मंदिर की छत पर लाल झंडा लगाने से हर तरह के आकस्मिक संकट से मुक्ति मिलती है।
ज्योतिष पं. शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के समीप बैठकर पूजन का संकल्प करें। जल और अक्षत मूर्ति या चित्र के सामने रख दें। पुन: हनुमान जी की विधि षोडशोपचार पंचोपचार अथवा जो कुछ पूजन सामग्री उपलब्ध हो, उससे पूजन करें। इस दिन वाल्मिकी रामायण अथवा तुलसीराम कृत रामायण या सुंदर कांड अथवा हनुमान चालीसा का पाठ अपने घर में पूजा स्थल पर करें। अगर हो सके तो चना, गुड़, फल आदि अर्पण करें।