दिसंबर के तीसरे सप्ताह तक मेहरबान मौसम का रुख रविवार से अचानक बदल गया। सुबह से शाम तक सूरज बादलों से लुका छिपी करता रहा। वहीं सोमवार को भी आसमान में बादल छाए रहे। सर्द हवा के चलते अधिकतम औसत तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज हुई। रविवार की अपेक्षा सोमवार को अधिकतम तापमान में 2.8 डिग्री गिरावट दर्ज की गई।
Gorakhpur Weather: मौसम का रुख बदला, गलन ने कराया सर्दी का एहसास
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दोपहर बाद आसमान बादलों से भर गया और शाम तक बर्फीली हवाओं से लोग सिहर उठे। शनिवार को जहां अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था, वहीं रविवार को यह 20.2 डिग्री रहा। यह सामान्य से तीन डिग्री कम बताया जा रहा है।
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि इस सप्ताह बुधवार से शुक्रवार तक बूंदाबांदी के भी आसार हैं। इससे न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आएगी जिसके 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे जाने का अनुमान है।
आलू, मटर के साथ सब्जियों पर पाले का अधिक असर
कृषि विज्ञान केंद्र बेलीपार के वैज्ञानिक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि दिसंबर के आखिरी से पाला पड़ने की संभावना अधिक होती है। इससे फसलों को काफी नुकसान होता है। इसका सबसे अधिक असर आलू, मटर व अन्य सब्जियों पर होता है।
उन्होंने पाला से बचाव के बारे में बताया कि खेतों की मेड़ों पर घास-फूस जलाकर धुआं करें, ऐसा करने से फसलों की आसपास का वातावरण गर्म हो जाता है और पाले के प्रभाव से फसलें बच जाती हैं। फसलों की सिंचाई करें। ऐसा करने से भी फसलों पर पाले का प्रभाव नहीं पड़ता है। किसान यदि नर्सरी तैयार कर रहे हैं तो उसको घास-फूस अथवा प्लास्टिक से ढके। ध्यान रहे दक्षिण पूर्व भाग खुला रखें ताकि सुबह और दोपहर धूप मिलती रहे। पाले से बचाव के लिए किसान भाइयों को पाला पड़ने के दिनों में यूरिया की 20 ग्राम/लीटर पानी की दर से घोल बनाकर अथवा 8 से 10 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से छिड़ाकव करें।