ये है गोरखपुर के टॉप 10 हिस्ट्रीशीटर की पूरी लिस्ट, अब पुलिस कसेगी शिकंजा

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 09 Jul 2020 02:31 PM IST
सुधीर सिंह व अजीत शाही। (file)
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कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की शहादत के बाद गोरखपुर के टॉप 10 बदमाशों की सूची नए सिरे जारी कर दी गई है। इस सूची में एक लाख का इनामी राघवेंद्र यादव का नाम सबसे ऊपर है। उसपर हत्या के चार मामले दर्ज हैं। झंगहा थानाक्षेत्र के सुगहा निवासी रिटायर दरोगा जयहिंद यादव व उनके बेटे का हत्यारोपी है। रिटायर दरोगा व उनके बेटे की हत्या 2018 में हुई थी। लंबे समय से पुलिस तलाश रही  लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला का साथी सत्यव्रत राय का साथी भी टॉप-10 बदमाशों की सूची में है।
राघवेंद्र यादव।(file)
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ये हैं टॉप-10 बदमाश
झंगहा थानाक्षेत्र के सुगहा निवासी राघवेंद्र यादव, बेलघाट के बहादुरपुर निवासी शैलेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मुन्नू, गुलरिहा के झुगिंया बाजार निवासी राकेश यादव, बांसगांव के धसका के राधेश्याम यादव उर्फ राधे यादव, कैंट के रेलवे कॉलोनी निवासी सत्यव्रत राय, खजनी के बसडीला निवासी सुभाष शर्मा, कैंट के बेतियाहाता के अजीत शाही, सहजनवां के मल्हीपुर पूर्व निवासी प्रदीप सिंह, शाहपुर के आदर्श नगर निवासी सुधीर सिंह और गोरखनाथ थानाक्षेत्र के धर्मशाला बाजार निवासी विनोद उपाध्याय।  
 
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राकेश यादव व प्रदीप सिंह।
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दो बदमाश जेल, दो पुलिस की पकड़ से दूर
टॉप बदमाशों की नई सूची में शामिल दो बदमाश जेल में हैं, जबकि दो भागे हुए हैं। सूची में शामिल ज्यादातर जमानत पर बाहर हैं। बदमाश सुभाष शर्मा लखीमपुर खीरी और सत्यव्रत राय बुलंदशहर में बंद है। झंगहा का चार हत्याओं का आरोपित राघवेन्द्र यादव और माफिया राकेश यादव फरार चल रहे हैं। राघवेंद्र यादव पर सबसे ज्यादा एक लाख तो राकेश यादव पर 25 हजार रुपये का इनाम है।

 
विनोद उपाध्याय।(file)
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हत्यारे का नाम था सूची में
पुरानी सूची नवंबर 2019 में बनाई गई थी। इस सूची में रविंद्र ढाढ़ी, अयोध्या जायसवाल, बलिराम तिवारी, हरिकृष्ण मिश्रा, मनीष साहनी और मुजम्मिल उर्फ बाबू शेख का नाम भी शामिल था। रविंद्र ढाढ़ी की नवंबर में ही हत्या हो गई। शेष पांच के स्थान पर पुलिस ने ऐसे बदमाशों का नाम शामिल किया है जिनसे समाज को खतरा है। इनपर सख्ती से जिले में शांति कायम रह सकेगी।  
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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बड़े हिस्ट्रीशीटरों की अलग सूची
खोराबार थानाक्षेत्र के नंगा निषाद की उम्र ज्यादा होने की वजह से उसे टॉप बदमाशों की सूची में सिर्फ निगरानी के लिए रखा है। वह दो बार पुलिस पर हमले का आरोपी है। एक मामले में तत्कालीन खोराबार थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह को गंभीर चोट लगी थी। वह लंबे समय तक कोमा में थे। अस्पताल से छूटे तो एक वर्ष तक बिस्तर पर पड़े रहे। पुलिस टीम पर हमला के आरोपित रहे नंगा के बेटे को पुलिस ने थाने के टॉप बदमाशों की सूची में शामिल किया गया है, ताकि निगरानी और कार्रवाई हो सके। अलग-अलग थानाक्षेत्रों में 1400 हिस्ट्रीशीटर हैं।

अब पुलिस कसेगी शिकंजा
- मुकदमों की पैरवी करेगी
- गैंगेस्टर नहीं हुआ तो उसकी कार्रवाई कराएगी
- अपराध से अर्जित संपत्ति का ब्योरा जुटाकर उस पर कार्रवाई होगी
- मुकदमों के जमानतदारों की जांच करेगी पुलिस
- मुकदमे में पैरवी करने वालों को सुरक्षा देगी पुलिस
- कोर्ट में अपराधियों के खिलाफ पैरवी भी करेगी पुलिस
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