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स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रवेश के लिए हुआ ट्रायल, गोविवि में हुई परीक्षा, देखें दिनभर की हलचल
Mon, 02 Mar 2020 09:28 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 02 Mar 2020 09:28 PM IST
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प्रदेश के अलग-अलग खेल छात्रावासों में प्रवेश पाने के लिए सोमवार को खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाया। मंडल स्तर पर चुने गए खिलाड़ियों के स्किल टेस्ट के बाद मेडिकल परीक्षण कराया गया।
हर मजहब के लोग मानते हैं ख्वाजा गरीब नवाज को
- फोटो : अमर उजाला
नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद व धर्मशाला स्थित दरगाह हजरत नक्को शाह बाबा सैयद आरिफपुर में सूफी संत हजरत मोईनुद्दीन हसन चिश्ती अलैहिर्रहमां का 808वां उर्स-ए-पाक सोमवार को अकीदत के साथ मनाया गया। कुरआन ख्वानी और नात ख्वानी की रस्म अदा करते हुए उर्स की शुरुआत की गई।
मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही ने कहा कि हिंद के वालियों के सरदार ख्वाजा गरीब नवाज हैं। हिंदू और मुस्लिम जिसने भी उनके सजदे में सिर झुकाए हैं, वह निराश नहीं हुआ। कारी शराफत हुसैन कादरी ने कहा कि महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की अजमेर स्थित दरगाह सिर्फ इस्लामी प्रचार का केंद्र नहीं है बल्कि यहां से हर मजहब के लोगों को आपसी प्रेम का संदेश मिलता है। इसी कड़ी में धर्मशाला बाजार में भी तकरीर का आयोजन हुआ।
इसमें उलेमाओं ने ख्वाजा गरीब नवाज की जिंदगी पर रोशनी डाली। इसके बाद चादरपोशी की रस्म अदा की गई। अंत में लंगर बांटा गया। इसके बाद सैयद आरिफपुर मो. रिजवान के घर से चादर का जुलूस निकला जो हजरत सुब्हान शहीद रहमतुल्लाह अलैह की मजार पर पहुंचा।
मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही ने कहा कि हिंद के वालियों के सरदार ख्वाजा गरीब नवाज हैं। हिंदू और मुस्लिम जिसने भी उनके सजदे में सिर झुकाए हैं, वह निराश नहीं हुआ। कारी शराफत हुसैन कादरी ने कहा कि महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की अजमेर स्थित दरगाह सिर्फ इस्लामी प्रचार का केंद्र नहीं है बल्कि यहां से हर मजहब के लोगों को आपसी प्रेम का संदेश मिलता है। इसी कड़ी में धर्मशाला बाजार में भी तकरीर का आयोजन हुआ।
इसमें उलेमाओं ने ख्वाजा गरीब नवाज की जिंदगी पर रोशनी डाली। इसके बाद चादरपोशी की रस्म अदा की गई। अंत में लंगर बांटा गया। इसके बाद सैयद आरिफपुर मो. रिजवान के घर से चादर का जुलूस निकला जो हजरत सुब्हान शहीद रहमतुल्लाह अलैह की मजार पर पहुंचा।
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला
प्रधान मंत्री आवास के लिए GDA में निकाली जा रही लाटरी की सूची देखते लाभार्थी।
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विवि प्रशासन के खिलाफ शोधार्थी छात्रों ने दिया धरना
धरना पर बैठे विद्यार्थी।
- फोटो : अमर उजाला
शोध छात्रों ने गोरखपुर विवि प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को प्रशासनिक भवन पर धरना दिया। आरोप लगाया कि विवि प्रशासन यूजीसी नियमावली के विपरीत काम कर रहा हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
शोध छात्र कमलेश यादव ने कहा कि यूजीसी की नियमावली में स्नातक में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को शोध कार्य से वंचित किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन विवि प्रशासन अपना नियम थोप रहा है। बताया कि 2013 के बाद विश्वविद्यालय में शोध पात्रता परीक्षा करीब छह वर्षों से बंद थी। जिसे छात्रों ने आंदोलन कर 2019 में पुन: बहाल कराया।
अब विवि प्रशासन मनमाने तरीके से शोध कार्य करने से छात्रों को रोक रहा है। इस दौरान शोध छात्र सुमन राव, चांदनी पासी, पंकज यादव, दीपक यादव, दीपक कुमार, अजय यादव, अनूप ईश्वर, शिव शंकर गौड़, पवन कुमार, आर्या यदुवंशी, शाहिद, मंजेश, असुर, सुरेंद्र वाल्मीकि, देवेंद्र सिंह, नागेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
शोध छात्र कमलेश यादव ने कहा कि यूजीसी की नियमावली में स्नातक में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को शोध कार्य से वंचित किए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन विवि प्रशासन अपना नियम थोप रहा है। बताया कि 2013 के बाद विश्वविद्यालय में शोध पात्रता परीक्षा करीब छह वर्षों से बंद थी। जिसे छात्रों ने आंदोलन कर 2019 में पुन: बहाल कराया।
अब विवि प्रशासन मनमाने तरीके से शोध कार्य करने से छात्रों को रोक रहा है। इस दौरान शोध छात्र सुमन राव, चांदनी पासी, पंकज यादव, दीपक यादव, दीपक कुमार, अजय यादव, अनूप ईश्वर, शिव शंकर गौड़, पवन कुमार, आर्या यदुवंशी, शाहिद, मंजेश, असुर, सुरेंद्र वाल्मीकि, देवेंद्र सिंह, नागेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
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gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ईंट भट्टा संचालकों की बैठक हुई। इस दौरान डीएम ने सभी संचालकों को 31 मार्च तक रॉयल्टी जमा करने का निर्देश दिया। समीक्षा में पता चला कि जिले में 400 ईंट भट्टे संचालित हो रहे हैं जबकि रॉयल्टी सिर्फ 144 ने जमा की है।
प्रत्येक भट्टे पर करीब 1.50 लाख से दो लाख रुपये की रॉयल्टी बनती है। बैठक के दौरान ही डीएम ने सभी संचालकों से कहा कि भट्टों पर बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं। ऐसे में उनके लिए संचालक भट्टों पर ही शौचालयों का निर्माण कराएं ताकि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले को पूरी तरह खुले से शौचमुक्त किया जा सके।
प्रत्येक भट्टे पर करीब 1.50 लाख से दो लाख रुपये की रॉयल्टी बनती है। बैठक के दौरान ही डीएम ने सभी संचालकों से कहा कि भट्टों पर बड़ी संख्या में मजदूर काम करते हैं। ऐसे में उनके लिए संचालक भट्टों पर ही शौचालयों का निर्माण कराएं ताकि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले को पूरी तरह खुले से शौचमुक्त किया जा सके।