उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में नदियों के उफनाने से बाढ़ का पानी 22 और गांवों में घुस गया है। इससे पहले बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 80 थी, जो बढ़कर 112 हो गई है। इसमें से 45 गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिरे हैं। इन गांवों से संपर्क टूट गया। अब नाव से आने-जाने का सहारा ही बचा है। पहले 21 गांव पानी से पूरी तरह घिरे थे।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
जिले से होकर बहने वाली छह नदियां उफान पर हैं। आमी नदी का जलस्तर भले ही नहीं मापा जाता है लेकिन इस नदी में बाढ़ का प्रभाव गोरखपुर व संतकबीरनगर की बड़ी आबादी पर पड़ता है। रोहिन, राप्ती और घाघरा नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इस कारण बांधों पर दबाव है। कुआनो और गोर्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : राजेश कुमार
जिले में बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने की वजह से शहर के कई क्षेत्रों में एक हफ्ते से पानी भरा हुआ है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं कर रहा है। हालांकि, नगर निगम ने जल निकासी के लिए जनरेटर लगाया था, लेकिन वह खराब हो गया है। इसके बाद से निगम का कोई अफसर झांकने तक नहीं आया। अधिकारी का कहना है कि प्रयास किए जा रहे हैं।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : राजेश कुमार
वार्ड नंबर 30 ट्रांसपोर्ट नगर के गालन मोहल्ले में करीब पांच फीट पानी लगा हुआ है। लोगों को इसी पानी के बीच से आना-जाना पड़ रहा है। कई लोगों का तो घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं। इसी तरह गालन मोहल्ले के परिवार जलभराव के बीच जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : राजेश कुमार
महेवा, नौसड़ सहित शहर के तमाम वार्डों में बारिश का पानी भरा हुआ है। करीब एक सप्ताह पहले बारिश हुई थी, लेकिन अब भी इन वार्डों के बगिया टोला, घुठहुंआ, घोला, जवाहरचक, मुक्तेश्वर नाथ मंदिर के पास के इलाकों से बारिश का पानी नहीं निकला है। इन इलाकों के लोगों में नगर निगम के प्रति काफी आक्रोश है।