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तस्वीरें: लॉकडाउन के दौरान यह विदेशी परिवार बोलने लगा भोजपुरी, कहा- इसमें अपनापन है

Sat, 16 May 2020 08:10 AM IST
vivek shukla संजय कुमार पांडेय, महराजगंज।
संजय कुमार पांडेय, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Sat, 16 May 2020 08:10 AM IST
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france Family learn bhojpuri language during lockdown
मंदिर में ग्रामीणों के साथ फ्रांसीसी परिवार। - फोटो : अमर उजाला।

उत्तर प्रदेश के महराजगंज के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा के शिव मंदिर में लॉकडाउन के कारण एक फ्रांसीसी परिवार फंसा हुआ है। गांव में रहते हुए उन्हें लगभग दो महीने का समय हो चुका है और अब पूरा परिवार भोजपुरी में बात करने लगा है।

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पौधरोपण करता फ्रांसीसी परिवार। - फोटो : अमर उजाला।

बता दें कि फ्रांस के टूलूज शहर के रहने वाले पैट्रीस पैलेरस अपने पत्नी व बच्चों समेत टूरिस्ट वीजा पर एक मार्च 2020 को पाकिस्तान से बाघा बॉर्डर होते हुए भारत में आए। जिन्हें भारत के विभिन्न स्थानों के भ्रमण के बाद नेपाल जाना था। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते देश में लॉकडाउन व नेपाल सीमा सील होने के कारण वह नेपाल नहीं जा सके। इसके बाद उन्होंने सीमा खुलने तक पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा स्थित एक मंदिर को अपना आशियाना बना लिया। जहां वह लॉकडाउन को यादगार बनाने के लिए पूरे परिवार के साथ पौधरोपण किया।

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बच्चों के साथ ओपैलो मार्गीटाइड। - फोटो : अमर उजाला।

गांव की भाषा बोलने में महसूस हो रहा अपनापन
पैट्रीस पैलेरस की पत्नी ओपैलो मार्गीटाइड ने बताया कि यहां जैसे-जैसे समय बीत रहा है। वैसे-वैसे लोगों के साथ अपनापन भी महसूस होने लगा है। बताया कि वह फ्रैंच के अलावा केवल अंग्रेजी बोलना जानती थी लेकिन गांव के महिलाओं व बच्चों से बात करते-करते गांव की भाषा भोजपुरी भी बोलना सीख गई। लिहाजा अब गंवई भाषा में बात करने पर बेहद अपनापन सा महसूस होता है।
 

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MaharajGanj news - फोटो : अमर उजाला।

पैट्रीस पैलेरस ने बताया कि मेरी पत्नी स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी हुई हैं इसलिए वो पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर देती हैं। जिसके चलते पूरा परिवार पौधरोपण करने का बेहद शौकीन है। वहीं पूरे देश में लॉकडाउन व नेपाल सीमा सील होने के कारण अन्य देशों के भ्रमण पर तत्काल जा पाना संभव के साथ ही सुरक्षित भी नहीं है। लिहाजा मंदिर पर रूक कर गांव की संस्कृति सीखने का भी भरपूर मौका मिल रहा है।
 

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टॉम गांव के बच्चों के साथ दिनभर साईकिल से घूमता है। - फोटो : अमर उजाला।

बच्चों के साथ साइकिल चला कर खेलता है टॉम
फ्रांसीसी परिवार का सबसे छोटा सदस्य टॉम पैलेरस गांव के बच्चों के लिए अब कृष्णा बन गया है। अक्सर साइकिल चलाने का शौकीन टॉम गांव के बच्चों के साथ साइकिल चलाकर खूब आनंद की अनुभूति करता है। तो बच्चों को भी उसके साथ खेलने में मजा आता है।

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