{"_id":"5ebe30ac8ebc3e908c6416e6","slug":"labour-special-train-reached-gorakhpur-railway-station-with-passengers","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में फंसे लोगों ने गोरखपुर पहुंचते ही बताई ये बात, कहा- कुछ दिन और रहते तो भूखे मर जाते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में फंसे लोगों ने गोरखपुर पहुंचते ही बताई ये बात, कहा- कुछ दिन और रहते तो भूखे मर जाते
Fri, 15 May 2020 05:03 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 15 May 2020 05:03 PM IST
विज्ञापन
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
लॉकडाउन में फंसे श्रमिक और उनके घरवाले बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो उनके चेहरों पर खुशी के भाव थे। हो भी क्यों ना, अपने घर पहुंच गए थे। अब उन्हें न तो बच्चों के रोने की चिंता थी और न ही निवाले की। रेलवे स्टेशन पर श्रमिकों से बात की गई तो उन्होंने अपनी तकलीफें साझा कीं। बोले, फैक्ट्रियां बंद हैं, काम है नहीं। कुछ दिन और रहते तो भूखे मर जाते।
Trending Videos
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
अब तो रुपये भी नहीं बचे थे
कुशीनगर के संजीव यादव ने कहा कि बड़ोदरा में फैक्ट्री में काम करते थे। फैक्ट्री बंद हो गई। रखा धन कितने दिन चलेगा। किसी तरह इतने दिन काटे, बहुत खुश हूं कि घर पहुंच रहा हूं। सफर में रेलवे की ओर से इंतजाम था। बड़ोदरा में खाना मिला। दो स्टेशनों पर नाश्ता और पानी दिया गया।
कुशीनगर के संजीव यादव ने कहा कि बड़ोदरा में फैक्ट्री में काम करते थे। फैक्ट्री बंद हो गई। रखा धन कितने दिन चलेगा। किसी तरह इतने दिन काटे, बहुत खुश हूं कि घर पहुंच रहा हूं। सफर में रेलवे की ओर से इंतजाम था। बड़ोदरा में खाना मिला। दो स्टेशनों पर नाश्ता और पानी दिया गया।
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
ऐसी सांसत कभी नहीं भूलूंगा
हाटा के प्रवेश कुमार ने कहा कि लॉकडाउन में मुश्किलें बढ़ गई थीं। घरों में कैद थे। राशन खत्म हो गया और रुपये भी नहीं बचे। यह सांसत तो कभी नहीं भूलेंगे। वहां से अच्छा तो रास्ते की व्यवस्था थी। कई स्टेशनों पर नाश्ता और भोजन मिला। यहां भी केला और पानी दिया गया है।
हाटा के प्रवेश कुमार ने कहा कि लॉकडाउन में मुश्किलें बढ़ गई थीं। घरों में कैद थे। राशन खत्म हो गया और रुपये भी नहीं बचे। यह सांसत तो कभी नहीं भूलेंगे। वहां से अच्छा तो रास्ते की व्यवस्था थी। कई स्टेशनों पर नाश्ता और भोजन मिला। यहां भी केला और पानी दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
गुजरात से अच्छी व्यवस्था स्टेशन पर
देवरिया के नंदलाल यादव ने कहा कि हम लोग तो किसी तरह भूखे-प्यासे रह गए। बच्चे परेशान थे, रात में भी रोते थे। अब भगवान से यही प्रार्थना करता था कि हमें जल्दी से घर पहुंचा दें। गुजरात से अच्छी व्यवस्था तो ट्रेन में थी। स्टेशनों पर सभी को नाश्ता और लंच पैकेट दिया गया।
विज्ञापन
gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
8386 यात्रियों को लेकर पहुंची सात श्रमिक स्पेशल
लॉकडाउन के दौरान विभिन्न प्रांतों में फंसे 8386 यात्रियों को लेकर सात श्रमिक स्पेशल ट्रेनें बृहस्पतिवार को गोरखपुर पहुंची। ट्रेन में बैठे यात्रियों को जीआरपी ने केला और पानी उपलब्ध कराया। इसके बाद नीचे आने पर उन्हें लंच पैकेट भी दिया गया। सभी श्रमिकों और उनके परिवारवालों को थर्मल स्क्रीनिंग कराकर बसों से गंतव्य के लिए रवाना किया गया। जांच के दौरान किसी भी यात्री में कोरोना के लक्षण नहीं मिले।
लॉकडाउन के दौरान विभिन्न प्रांतों में फंसे 8386 यात्रियों को लेकर सात श्रमिक स्पेशल ट्रेनें बृहस्पतिवार को गोरखपुर पहुंची। ट्रेन में बैठे यात्रियों को जीआरपी ने केला और पानी उपलब्ध कराया। इसके बाद नीचे आने पर उन्हें लंच पैकेट भी दिया गया। सभी श्रमिकों और उनके परिवारवालों को थर्मल स्क्रीनिंग कराकर बसों से गंतव्य के लिए रवाना किया गया। जांच के दौरान किसी भी यात्री में कोरोना के लक्षण नहीं मिले।