उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले की बड़ी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह की खड्डा क्षेत्र के शाहपुर, सालिकपुर, महदेवा, विंध्याचलपुर तथा तमकुहीराज क्षेत्र के पिपराघाट समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। नदी का जलस्तर शुक्रवार रात से ही ढाई लाख क्यूसेक से ऊपर बना हुआ है। बाढ़ के चलते कई गांवों का संपर्क मार्ग कट गया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शनिवार को एसडीआरएफ की टीम पहुंची और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों की मदद में जुट गई है।
नेपाल से निकलने वाली गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा, दर्जनों गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, देखें तस्वीरें
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार की सुबह से ही नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में पानी बढ़ने से बड़ी गंडक नदी में डिस्चार्ज बढ़ने लगा था, जो रात होते होते तीन लाख क्यूसेक के करीब पहुंच गया। इसका असर खड्डा तहसील क्षेत्र के नदी के उस पार बसे मरचहवा के तीन टोला व बसंतपुर में सर्वाधिक हुआ। पहली बाढ़ में ही बसंतपुर-सोहगीबरवां मार्ग पर बनी पुलिया बह गई थी।
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इसके साथ ही मरचहवा उत्तर टोला व पूरब टोला को जोड़ने वाली सड़क पर पानी बह रहा है। इन गांवो से बिना नाव के बाहर निकलना संभव नहीं है। शिवपुर गांव की पुलिस चौकी सहित गांव में पानी पहुंच गया है। शिवपुर-हरिहरपुर-नरायनपुर मार्ग से सोहगीबरवा जाने वाले मार्ग पर भी पानी बह रहा है। खेतों में खड़ी फसल डूब गई है। पालतू जानवरों के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है।
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तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को रात में वाल्मीकिनगर बैराज से बड़ी गंडक नदी में छोड़े गए 280000 क्यूसेक पानी का असर शनिवार से पिपराघाट और राजपुर खास के निचले हिस्सो में दिखने लगा है। क्योंकि गंडक और बांसी नदी उफान पर आ गई हैं। इसके चलते 10 से 15 गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। संपर्क मार्गो पर भी पानी भर गया है, जिससे आवागमन बाधित होने लगा है।
डीह टोला में पहुंची एसडीआरएफ की टीम
बड़ी गंडक नदी के कटान और बाढ़ से भयभीत अहिरौलीदान के डीह टोला के कुछ लोग शनिवार से गांव छोड़कर अपने सामान और तोड़े गए मकानों के अवशेष के साथ सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन शुरू कर दिए। वहीं कटान की जद में आ चुके कुछ लोग अपने पक्के मकानों को तोड़ने में लगे हैं। इसे लेकर पूरे गांव में दहशत का माहौल है। सूचना पर एसडीआरएफ की टीम पहुंची और मदद में जुट गई।