पैगंबर-ए-आजम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की यौम ए पैदाइस ईद मिलादुन्नबी पर्व के रूप में शुक्रवार को अकीदत के साथ मनाया गया। मुसलमानों के सिरों पर इस्लामी टोपियां और हाथों में इस्लामी परचम नजर आया। जुंबा पर नारा-ए-तकबीर अल्लाहु अकबर, नारा-ए-रिसालत या रसूलल्लाह, हुजूर की आमद मरहबा, या नबी सलाम अलैका, या रसूल सलाम अलैका, मुस्तफा जाने रहमत पे लाखों सलाम का तराना चारों तरफ गूंजता रहा। जुलूस में इस्लामी झंडों के साथ तिरंगा झंडा भी शान से लहराया। कई जुलूसों में फ्रांस के राष्ट्रपति की निंदा कर फ्रांस के उत्पादों के बहिष्कार की अपील भी की गई। कुरआन ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ ख्वानी हुई। सुबह परचम कुशाई के बाद लोगों ने एक दूसरे मुबारकबाद दी। सोशल मीडिया पर भी मुबारकबाद का सिलसिला चला। सड़कों पर जुलूस-ए-मोहम्मदी का काफिला देर रात तक गुजरता रहा। लोगों ने जगह-जगह जुलूसों का खैर मकदम किया। घरों, मस्जिदों, मदरसों, दरगाहों में ईद मिलादुन्नबी की महफिल सजाई गई। घरों में लजीज पकवान बनाए गए। जिसे खुद खाया और गरीबों, यतीमों, पड़ोसियों में बांटा भी गया।
तस्वीरें: शहर में गूंजा 'मुस्तफा जाने रहमत पे लाखों सलाम' का तराना, अकीदत के साथ मनाया गया ईद मिलादुन्नबी का पर्व
रवायत के अनुसार हुई मस्जिदों में परचम कुशाई
मोहल्ला गाजी रौजा स्थित गाजी मस्जिद में बाद नमाज फज्र परचम कुशाई मुफ्ती अख्तर हुसैन (मुफ्ती-ए-गोरखपुर), हाफिज रेयाज अहमद व हाफिज आमिर हुसैन निजामी ने की। इसके बाद मिलाद शरीफ का कार्यक्रम हुआ। जिसमें मुफ्ती अख्तर हुसैन ने पैगंबर-ए-आजम के फजाइल बयान किए। छोटे काजीपुर स्थित गौसिया जामा मस्जिद में मौलाना मोहम्मद अहमद निजामी, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में मौलाना मो. असलम रजवी, आदि ने परचम कुशाई की रस्म अदा की। खूनीपुर में सामूहिक परचम कुशाई हुई। जाहिदाबाद में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया।
जुलूस-ए-मोहम्मदी ने दिया अमन व मोहब्बत का पैगाम
गोरखपुर। मदरसा हुसैनिया एवं मदरसा अरबिया शमसुल उलूम अहले सुन्नत मिर्जापुर चाफा में परचम कुशाई के बाद जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। जुलूस के बाद जलसा हुआ। जिसमें मुफ्ती मो. अजहर शम्सी व मौलाना मो. असलम रजवी ने संबोधित किया। नात कारी हबीबुल्लाह ने पेश की। अंत में सलातो सलाम पढ़कर लंगर बांटा गया। इसी तरह जाफरा बाजार, तुर्कमानपुर, गाजी रौजा, मियां बाजार रेती रोड, रहमतनगर, अहमदनगर चक्शा हुसैन, बक्शीपुर, घासीकटरा, धम्माल, तिवारीपुर, रसूलपुर, गोरखनाथ, खूनीपुर, घोसीपुरवा सहित सभी मोहल्लों से जुलूस निकला। जुलूस का मुख्य केंद्र नखास चौराहा रहा। जगह-जगह जुलूसों का स्वागत कर जर्दा, बिस्किट, केक, इमरती आदि बांटी गई।
बारह मुअज्जिनों का हुआ सम्मान
नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में बाद नमाज जुमा 12 मस्जिदों के मुअज्जिनों (अजान देने वाले) को सम्मानित किया गया। जिसमें मो. मुअज्जम रजा, कमाल अहमद, हाजी कमरुद्दीन, कारी मो. आलम, हाफिज अबुल कलाम, मो. शकील उर्फ अच्छे भाई, शेरे नबी, कारी शम्सुद्दीन, मो. जावेद, मो. उमर, अतीउल्लाह, आबिद अली शामिल रहे।
बच्चों के बीच हुआ नातिया मुकाबला, मिला इनाम
मस्जिद अनवारे मुस्तफा जटेपुर उत्तरी में बच्चों का नातिया मुकाबला हुआ। तीस बच्चों ने पैगंबर-ए-आजम की शान में एक से बढ़कर एक नात-ए-पाक पेश की। सभी बच्चों को इनाम से नवाजा गया। मौलाना अली अहमद बरकाती, अनवर हुसैन, हाफिज अब्दुल लतीफ, बदरे आलम आदि मौजूद रहे। बेनीगंज में भी बच्चों के बीच नातिया मुकाबला हुआ।