फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पढ़िए इस खूंखार बदमाश की खूनी कहानी, दारोगा सहित परिवार के चार लोगों की कर चुका है हत्या

Sat, 21 Nov 2020 09:41 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 21 Nov 2020 09:41 AM IST
विज्ञापन
Special Story Of Criminal Raghvendra Yadav in Gorakhpur
राघवेंद्र यादव।(file) - फोटो : अमर उजाला।
आज हम आपको गोरखपुर जिले के एक ऐसे बदमाश के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके ऊपर एक लाख का इनाम रखा गया है। जिले के फरार बदमाशों की सूची में इसका नाम सबसे ऊपर है। वह जब चाहा आया और किसी की हत्या किया फिर फरार हो गया मगर पुलिस उसे दबोच नहीं पाई। आगे की स्लाइड्स में पढ़िए इसकी कहानी...
Special Story Of Criminal Raghvendra Yadav in Gorakhpur
राघवेंद्र यादव।(file) - फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि राघवेंद्र यादव जिले के झंगहा के सुगहा गांव का रहने वाला है। एक लाख का इनामी राघवेंद्र पिछले चार सालों से पुलिस को चकमा दे रहा है। आखिरी बार पुलिस ने उसे कोलकाता में देखा था, तब टीम ने घेराबंदी भी की थी मगर वह बच निकला था।
Special Story Of Criminal Raghvendra Yadav in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
केस करने पर कर दी थी हत्या
बदमाश राघवेंद्र यादव ने पुरानी रंजिश में छह जनवरी 2016 को सेवानिवृत्त दारोगा जय हिंद यादव के छोटे भाई बलवंत और बेटे कौशल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद बदमाश फरार हो गया और फिर मुकदमे की पैरवी न करने की धमकी दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Special Story Of Criminal Raghvendra Yadav in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इसके बाद 10 अप्रैल 2018 की शाम मुकदमें की सुनवाई कर कचहरी से लौट रहे सेवानिवृत्त दारोगा जय हिंद यादव और उनके बेटे नागेंद्र की गजाईकोल पुलिया के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्यारा अभी भी फरार है।
विज्ञापन
Special Story Of Criminal Raghvendra Yadav in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

बदमाश राघवेंद्र के खौफ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परेशान अफसरों ने उसकी वारदात को रोकने के लिए जिले में एक नई चौकी स्थापित कर दी मगर राघवेंद्र नहीं पकड़ा गया। आज भी पुलिस उसकी तलाश में है। साथ ही राघवेंद्र को पकड़ने के लिए एसटीएफ और जिले की क्राइम ब्रांच नई हिकमत लगा रही है। वहीं चार साल से फरार चल रहे बदमाश को संरक्षण देने के आरोप में पुलिस उसकी मां, बहन-बहनोई व कई रिश्तेदारों को जेल भेज चुकी है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed