गोरखपुर के शाहपुर इलाके में शिक्षिका की हत्या करने वाले शूटरों की पुलिस ने पहचान कर ली है। खबर है कि पुलिस को उनकी लोकेशन भी मिल गई है। पुलिस की दो टीमें शूटरों की गिरफ्तारी को रवाना भी हो गई हैं।
शिक्षिका हत्याकांड में शूटरों की हुई पहचान, अब इस एंगल पर पुलिस कर रही जांच, तस्वीरें
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पुलिस प्रॉपर्टी विवाद, लूट की कोशिश या प्रेम संबंध में वारदात के एंगल पर जांच कर रही है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई ठोस सुराग पुलिस को नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस वजह से शिक्षिका डेविना उर्फ निवेदिता की हत्या की गई थी। पुलिस का कहना है कि शूटर के पकड़े जाने के बाद ही घटना की वजह और साजिशकर्ता के बारे में पता लगेगा।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने राजेंद्रनगर से दो युवकों को उठाया है, जो डेविना के संपर्क में थे। बताया जा रहा है कि इसमें से एक युवक का शिक्षिका के घर आना-जाना था। यही नहीं, उसके बारे में डेविना के कई नजदीकी दोस्त भी जानते हैं। पुलिस ने इस प्रकरण में डेविना के महिला मित्रों से भी जानकारी हासिल की है। पूछताछ के आधार पर दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उधर, भाजपा के पूर्व पार्षद के भाई से पूछताछ जारी है। पुलिस को पूर्व पार्षद के भाई ने बताया है कि उसने सभी रुपये वापस कर दिए थे। सिर्फ 35 हजार रुपये लौटाने बाकी थे। इसके लिए डेविना ने उसे एक महीने का समय दिया था। फिलहाल पुलिस उसकी बातों की सच्चाई जांच रही है।
एक बार फिर लूट की कोशिश में वारदात पर जांच शुरू
डेविना की बेटी ने पुलिस को दिए बयान में लूट की कोशिश की बात दोहराई है। उसने कहा है कि पहले ऐसे लगा कि बाइक सवार मां की चेन छीनना चाहते हैं। मगर बाद में हमलावर गोली चलाने लगे। शुरूआत में सभी सामान मोबाइल फोन, पर्स और रुपये घटनास्थल पर मिलने की वजह से लूट की कोशिश में वारदात को खारिज कर रही पुलिस ने इस बिंदु पर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि एफआईआर में भी इस बात का जिक्र है और बेटी ने बयान में भी इसके संकेत दिए हैं, लेकिन यह शूटरों के पकड़े जाने के बाद ही साफ हो पाएगा कि कहीं हत्या कर लूट की कोशिश दिखाने की साजिश तो नहीं थी।